सरकारी राशन और केरोसिन के 5.09 लाख रुपए डकार गया था सेल्समैन, न्यायालय ने दी तीन साल की सजा

रतलाम के बिबड़ौद की शासकीय उचित मूल्य दुकान में 5.09 लाख रुपए की बकाया राशि के मामले में सेल्समैन क्षितिज ठाकुर को न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई।

सरकारी राशन और केरोसिन के 5.09 लाख रुपए डकार गया था सेल्समैन, न्यायालय ने दी तीन साल की सजा
बिबड़ौद स्थित राशन दुकान में गबन करने वाले सेल्समैन को तीन साल की सजा।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बिबड़ौद स्थित शासकीय उचित मूल्य के राशन की दुकान पर खाद्यान्न एवं केरोसिन की बिक्री से प्राप्त राशि संस्था में जमा नहीं कराने के मामले में न्यायालय ने एक सेल्समैन को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। सजा सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव के न्यायालय ने सुनाई।

प्रकरण में पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि विपणन एवं प्रक्रिया सहकारिता संस्था मर्यादित, रतलाम के प्रबंधक रामगोपाल शर्मा ने दीनदयाल नगर थाने में लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। संस्था द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हरथली, सागौद, पलसोड़ी, रामपुरिया, राजपुरा एवं बिबड़ौद की छह शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन किया जाता है। इन दुकानों से उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद्यान्न एवं केरोसिन वितरित किया जाता है तथा बिक्री से प्राप्त राशि संस्था में जमा कराई जाती है।

बिबड़ौद की शासकीय उचित मूल्य दुकान के अभिलेखों की जांच के दौरान सामने आया कि वहां सेल्समैन के पद पर पदस्थ क्षितिज पिता नंदकिशोर ठाकुर (46), निवासी 66 समता परिसर, रतलाम ने विभिन्न अवधियों में सामग्री बिक्री से प्राप्त पूरी राशि संस्था में जमा नहीं कराई। अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2018-19 में 2,83,716.12 रुपए तथा अन्य संबंधित अवधि में 5,56,543.65 रुपए संस्था में जमा होना शेष पाया गया। इस तरह कुल 9,43,335.77 रुपए की राशि बकाया दर्शाई गई।

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4.33 लाख रुपए जमा किए, 5.09 लाख रुपए रहे बकाया

प्रकरण सामने आने के बाद अभियुक्त ने अलग-अलग तारीखों में संस्था में राशि जमा की। 13 सितंबर 2019 को 3,50,000 रुपए, 23 सितंबर को 50,000 रुपए, 24 सितंबर को 8,720 रुपए, 25 सितंबर को 15,000 रुपए और 30 सितंबर 2019 को 10,000 रुपए, इस प्रकार कुल 4,33,720 रुपए जमा किए गए। राशि जमा किए जाने के बाद भी 5,09,615.77 रुपए बकाया रह गए। संस्था की ओर से बकाया राशि जमा कराने के लिए अभियुक्त को कई बार नोटिस जारी कर पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन शेष राशि जमा नहीं की गई।

शिकायत के बाद गिरफ्तारी, साक्ष्यों के आधार पर पेश हुआ चालान

प्रबंधक रामगोपाल शर्मा की शिकायत पर दीनदयाल नगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसके बताए अनुसार राशि जमा किए जाने से संबंधित रसीदें भी जब्त की गईं। विवेचना के दौरान उपलब्ध दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन करने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

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हाईकोर्ट की शर्त पर जमा की पूरी बकाया राशि

प्रकरण में गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त क्षितिज ठाकुर को हाईकोर्ट से बकाया 5.09 लाख रुपए जमा करने की शर्त पर जमानत मिली थी। जमानत की शर्त के पालन में अभियुक्त ने संपूर्ण बकाया राशि संस्था में जमा कर दी थी। इसके बावजूद गबन के आपराधिक प्रकरण की न्यायिक सुनवाई जारी रही जिसमें अब सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव के न्यायालय ने अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

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