बड़ी खबर : रतलाम जिले के आलोट में मप्र वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर आरडी शर्मा ने सल्फास खाकर दी जान, दो भाजपा नेताओं के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

 मप्र के रतलाम जिले के आलोट के सरकारी वेयर हाउस के मैनेजर आरडी शर्मा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने दो भाजपा नेताओं के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में दोनों नेताओं को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने वेयर हाउस सील कर दिए हैं।

Dec 16, 2024 - 19:56
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बड़ी खबर : रतलाम जिले के आलोट में मप्र वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर आरडी शर्मा ने सल्फास खाकर दी जान, दो भाजपा नेताओं के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज
आलोट के सरकारी वेयर हाउस के मैनेजर आरडी शर्मा ने की आत्महत्या।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के आलोट स्थित मप्र वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर आरडी शर्मा द्वारा सल्फास खाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। उनके सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने भाजपा के दो नेताओं के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। दोनों नेताओं ने आरोपों को निराधार बताया है।

जानकारी के अनुसार ग्वालियर निवासी आरडी शर्मा आलोट में किराए के मकान में अकेले रहते थे। शनिवार को उन्होंने अपने कमरे में सल्फास खा ली थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें उज्जैन रैफर किया गया था जहां निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर आलोट पुलिस ने मैनेजर शर्मा के कमरे को सील कर दिया था जिसे रविवार को खोला गया। कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। इसके आधार पर पुलिस ने भाजपा नेता राजेश परमार और मनोज काला के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का प्रकरण दर्ज किया है। दोनों का संबंध सत्ताधारी दल भाजपा से है। पुलिस ने दोनों ही वेयर हाउस सील कर दिए हैं।

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यह लिखा है सुसाइड नोट में

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मैनेजर शर्मा के सुसाइड नोट में श्रीनाथ वेयर हाउस ताल के संचालक मनोज काला और कृष्णा एग्रो सर्विसेस ताल के संचालक राजेश परमार को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने लिखा है कि इन लोगों ने अपने गोदामों में रखा स्टॉक गायब कर दिया है। एक साल से मानसिक रूप से परेशान हूं।

दोनों नेताओं ने आरोप निराधार बताया

शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोपी भाजपा नेता राजेश परमार और मनोज काला ने निराधार बताया है। परमार का कहना है कि मेरा उनसे कभी कोई विवाद नहीं हुआ। इसके बावजूद उन्होंने मेरा नाम क्यों लिया, यह समझ नहीं आ रहा है। परमार के अनुसार वेयर हाउस का काम उनका बेटा देखता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग की है। वहीं काला का कहना है कि मैनेजर का अपना ही कोई पारिवारिक विवाद होगा। उन्होंने उनके ऊपर जो आरोप लगाया है वह गलत है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।