‘शोर’ पर प्रशासन का ‘जोर’ ! प्रशासन के उड़नदस्तों ने शहर की मस्जिदों सहित 8 स्थानों पर दी दस्तक, पहले ही दिन 26 से ज्यादा लाउडस्पीकर उतरवाए, हिदायत भी दी
रतलाम में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई शुरू हो गई। पहले दिन 8 स्थानों से 26 से ज्यादा लाउडस्पीकर उतरवाए गए। राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनधिकृत और नियम विरुद्ध उपयोग के खिलाफ रतलाम में प्रशासन की कार्रवाई शुरू हो गई है। अनुविभागीय दंडाधिकारी (रतलाम शहर) द्वारा गठित उड़नदस्तों ने अभियान के पहले दिन मंगलवार को मस्जिदों सहित 8 स्थलों पर लाउडस्पीकर जांचे। कार्रवाई के दौरान 26 से ज्यादा लाउडस्पीकर उतरवाए गए। अधिकारियों ने इनके पुनः उपयोग पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
कार्रवाई कार्यपालिक दंडाधिकारी कुलभूषण शर्मा एवं आशीष उपाध्याय के नेतृत्व वाले उड़नदस्तों द्वारा की गई। इसमें पुलिस अधिकारी और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित सदस्य भी शामिल रहे। इन टीमों ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की स्थिति देखी और कार्रवाई करते हुए लाउडस्पीकर उतरवाए। कुछ स्थानों पर अनुविभागीय दंडाधिकारी तरुण जैन खुद भी उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर शुरुआत में लोगों ने आपत्ति जताई लेकिन लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि कार्रवाई प्रशासन द्वारा जारी आदेश और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। इस गाइडलाइन के अनुसार ही इनका उपयोग किया जा सकता है। यदि इसके उल्लंघन करने या पालन करवाने में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न की गई तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
ये भी पढ़ें
(अबुबकर मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवाए गए।)
लाउडस्पीकर जब्त भी किए, सुपुर्दगी की अलग व्यवस्था
(शेरानीपुरा जमातखाने के पास स्थित अहल-ए सुल्तान-रज़ा मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवाए गए।)
कार्रवाई के दौरान उतरवाए गए लाउडस्पीकरों को उड़नदस्तों द्वारा जब्त किया गया। हालांकि उन्हें संबंधित उपयोगकर्ताओं के ही सुपुर्द किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह भी माना जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट रूप से यह जानकारी रहे कि इन उपकरणों का दोबारा उपयोग नियमों के विपरीत नहीं किया जा सकता। अब यदि कार्रवाई के बाद किसी स्थान पर संबंधित लाउडस्पीकर को दोबारा नियम विरुद्ध तरीके से लगाया या संचालित किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना प्रशासन के लिए और आसान होगा, क्योंकि उस स्थान पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी होगी।
ये भी पढ़ें
चार थाना क्षेत्रों में बनाई गई हैं संयुक्त टीमें
बता दें कि कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही सुनिश्चित कराने के आदेश दिए थे। इसके चलते रतलाम शहर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर कार्रवाई के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी तरुण जैन द्वारा स्टेशन रोड, माणकचौक, डीडीनगर और औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्रों के लिए अलग-अलग उड़नदस्ते गठित किए हैं। इन टीमों में राजस्व अधिकारियों के साथ संबंधित थाना प्रभारी तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी शामिल हैं। आदेश में टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में धार्मिक, सार्वजनिक एवं अन्य स्थानों का सघन सर्वेक्षण और आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत प्राप्त होने पर भी उड़नदस्ते मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे। बिना सक्षम अनुमति, अनुमति की शर्तों के विपरीत अथवा नियमों का उल्लंघन करते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें
एसडीएम तरुण जैन बोले- कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी
रतलाम (शहर) के अनुविभागीय दंडाधिकारी तरुण जैन ने एसीएन टाइम्स से चर्चा में बताया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एसडीएम जैन ने शहरवासियों से प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
ये भी पढ़ें









