लाउडस्पीकर पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, रतलाम के लिए 4 उड़नदस्ते गठित, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई

रतलाम शहर में लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम विरुद्ध उपयोग पर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। चार थाना क्षेत्रों में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त उड़नदस्ते शिकायत और औचक जांच करेंगे।

लाउडस्पीकर पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, रतलाम के लिए 4 उड़नदस्ते गठित, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई
रतलाम में लाउडस्पीकर के अनियंत्रित और बिना अनुमति उपयोग पर कार्रवाई करने के लिए उड़नदस्तों का गठन किया गया है।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । धार्मिक और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित और नियम विरुद्ध उपयोग को लेकर प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई का तंत्र सक्रिय कर दिया है। रतलाम शहर के अनुविभागीय दंडाधिकारी ने इसके लिए अलग-अलग उड़नदस्ते गठित किए हैं। इनमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ही संबंधित थाना प्रभारी और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को शामिल किया गया है।

अनुविभागीय अधिकारी शहर (राजस्व) द्वारा जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं नियम विरुद्ध प्रयोग पर नियंत्रण और कार्रवाई के लिए जारी दिशा-निर्देशों के तहत की गई है। आदेश में उड़नदस्तों को स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में धार्मिक, सार्वजनिक और अन्य ऐसे स्थानों का सघन सर्वेक्षण एवं आकस्मिक निरीक्षण करें, जहां लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग हो रहा है। इसके अलावा किसी स्थान को लेकर शिकायत प्राप्त होने पर भी उड़नदस्ता आकस्मिक जांच करेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएगा। यानी अब शिकायत मिलने के बाद मामला केवल संबंधित विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गठित संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करेगी।

चार थाना क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें गठित

स्टेशन रोड थाना क्षेत्र : तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कुलभूषण शर्मा (मो. नं. 9827765833), स्टेशन रोड थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी उड़नदस्ते में रहेंगे।

माणकचौक थाना क्षेत्र : नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी आशीष उपाध्याय (7000532927), माणकचौक थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।

डीडीनगर थाना क्षेत्र : आशीष उपाध्याय (7000532927), डीडीनगर थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।

औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र : कार्यपालिक दंडाधिकारी रामचन्द्र पाण्डेय (8319110709), औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी उड़नदस्ते में शामिल हैं।

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अनुमति और शर्तों का होगा सत्यापन

अभियान के दौरान प्रत्येक क्षेत्र में लगाए गए लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में यह देखा जाएगा कि उनके संचालन के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त है या नहीं और अनुमति में निर्धारित शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं। प्रशासन ने इसके लिए उड़नदस्तों को मौके पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यदि कोई लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र बिना सक्षम अनुमति, अनुमति की शर्तों के विपरीत अथवा लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए स्थापित या संचालित पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग तत्काल बंद कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

7 से 17 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान

आदेश के अनुसार रतलाम शहर अनुविभाग में 7 सितंबर से 17 सितंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उड़नदस्ते अपने निर्धारित क्षेत्रों में निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई स्थान जांच से छूटे नहीं। अभियान में पहले से शिकायत वाले तथा नियमों के उल्लंघन की संभावना वाले स्थानों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

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कार्रवाई के बाद भी निगरानी जारी रहेगी

प्रशासन ने अभियान खत्म होने के बाद भी नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई है, वहां दोबारा अनधिकृत अथवा नियम विरुद्ध तरीके से ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग शुरू न हो। उड़नदस्तों को प्रतिदिन की गई कार्रवाई का संक्षिप्त प्रतिवेदन तैयार करना होगा। इसमें निरीक्षण किए गए स्थानों की संख्या, जांचे गए लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों की स्थिति और की गई कार्रवाई का विवरण दर्ज किया जाएगा।

गंभीर उल्लंघन पर तत्काल कानूनी कार्रवाई

आदेश में यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान यदि कोई गंभीर अथवा तत्काल प्रकृति का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित थाना प्रभारियों को उड़नदस्तों को आवश्यक पुलिस बल और अन्य सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान किसी व्यक्ति, आयोजक या प्रतिष्ठान संचालक द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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निगरानी का नया तंत्र क्यों महत्वपूर्ण

इस आदेश की खास बात यह है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामलों में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को एक ही उड़नदस्ते में जोड़ा गया है। इससे शिकायत की जांच, अनुमति एवं शर्तों का सत्यापन और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की व्यवस्था की गई है।