जमीन की ये कैसी भूख ? सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना, सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर बना दिया खेल मैदान

रतलाम के सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी के संचालक पर सरकारी नाले पर अतिक्रमण के मामले में 50 हजार रुपए का जुर्माना हुआ है। अतिक्रमण हटाने का आदेश भी हुआ। प्रशासन अभी तक अतिक्रमण नहीं हटा पाया है।

Nov 17, 2025 - 20:22
Nov 17, 2025 - 21:58
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जमीन की ये कैसी भूख ? सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना, सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर बना  दिया खेल मैदान
सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी द्वारा नाले पर अतिक्रमण कर बनाया गया खेल मैदान।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर के निजी स्कूल ‘सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी’ का खेल मैदान सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर बनाए जाने की बात सामने आई है। तहसीलदार न्यायालय ने द्वारा इसके लिए दोषी ठहराते हुए स्कूल संचालक राकेश देसाई पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका गया है। न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने का आदेश भी दिया है। यह बात दीगर है कि स्कूल संचालक के रसूख तले जिम्मेदार इतने दबे हुए हैं कि अभी तक वे अतिक्रमण हटाना तो दूर, उसे हिलाने तक की हिम्मत नहीं उठा पाए हैं।

आरटीआई के तहत हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार तहसीलदार न्यायालय द्वारा करीब पांच माह पूर्व सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी के संचालक राकेश पिता दिनकर देसाई निवासी टीआईटी रोड भूत बंगला रतलाम के विरुद्ध एक आदेश पारित किया था। इसके अनुसार स्कूल संचालक द्वारा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज सर्वे क्रमांक 124 की नाले की 0.670 हेक्टेयर भूमि में से 0.150 हेक्टेयर पर आरसीसी कर अतिक्रमण कर लिया गया है। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर न्यायालय द्वारा मप्र भू-राजस्व संहिता 1956 की धारा 248(1) के तहत स्कूल संचालक देसाई पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय ने राजस्व निरीक्षक और हलका पटवारी को स्कूल के अतिक्रमण को हटाने का आदेश भी दिया है।

150

टर्फ मैदान बना कर किया नाले पर कब्जा

500
200

दस्तावेजों के अनुसार प्रशासन को स्कूल प्रबंधन द्वारा नाले पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत हुई थी। इसकी जांच तत्कालीन राजस्व निरीक्षक (वृत-2) शुभम तिवारी तथा हलका नंबर 19 (बरबड़) के पटवारी राजेश रावल ने की थी। इस दौरान पंचनामे भी बनाए गए थे। इनमें स्कूल प्रशासन द्वारा नाले पर आरआरसी से पक्का कर उस पर टर्फ मैदान बना कर उपयोग करने की पुष्टि की गई थी। जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत होने पर तहसीलदार न्यायालय द्वारा दिनांक 25 मार्च 2025 को स्कूल संचालक राकेश देसाई को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा गया था।

काम नहीं आया स्कूल प्रबंधन का तर्क

स्कूल संचालक राकेश देसाई ने मई 2025 में लिखित जवाब प्रस्तुत किया था। इसमें बताया था कि उन्होंने स्कूल स्थापना के उद्देश्य से 5 जुलाई 2008 को सर्वे क्रमांक 97/2, 123, 125 एवं 126 की कुल 1.500 हेक्टेयर भूमि क्रय की थी। इस पर स्कूल का निर्माण हो चुका है। स्कूल की भूमि पास की भूमि से करीब 10 फीट नीचे है। अतः कतिपय अधिकारियों की सलाह पर नाले वाली जगह 4 पाइप डालकर जगह समतल की गई, वहां कोई अतिक्रम नहीं किया गया। आसपास कॉलोनी बन चुकी हैं इससे अब नाले में ज्यादा पानी भी नहीं आता। स्कूल संचालक ने राजस्व विभाग की जांच और पंचनामे को एकतरफा बताया था। हालांकि, न्यायालय ने इस तर्क को मान्य नहीं किया।

7 करोड़ रुपए से अधिक की है जमीन !

गौर करने वाली बात है कि सांई श्री इंटरनेशनल एकेडमी प्रबंधन द्वारा जितनी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है वह 16 हजार वर्गफीट से अधिक है। जमीनों से जुड़े जानकारों की मानें तो जिस क्षेत्र में यह भूमि है वहां वर्तमान में जमीनों के दाम 4500 से 5000 वर्गफीट तक हैं। इस लिहाज से अतिक्रमण की गई जमीन की कीमत 7 से 8 करोड़ रुपए के करीब है।

एमओएस और हाई टेंशन लाइन की भी अनदेखी

जानकारों के अनुसार नियमानुसार कोई भी निर्माण करते समय नाले के बाद 18 मीटर जगह छोड़ना जरूरी है। स्कूल प्रशासन ने इसका पालन नहीं करते हुए नाले को ही अपनी जद में ले लिया और बाहर स्कूल का गेट और बाउंड्रीवॉल भी बना डाली। इतना बड़ा मैदान होने के बाद भी विद्यार्थियों के वाहन गंगासागर कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर ही खड़े रहते हैं जिससे हादसे का अंदेशा बना रहता है। बताया जा रहा है कि हाई टेंशन लाइन की गाइडलाइन का पालन भी यहां नहीं हुआ है।

स्कूल लग रहा इसलिए नहीं हटा अतिक्रमण

तहसीलदार न्यायालय द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश भी दिया गया था लेकिन उसके पालन भी अभी तक राजस्व विभाग द्वारा नहीं किया जा सका है। इस बारे में जब एसीएन टाइम्स ने हलका पटवारी शिखा चतुर्वेदी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी स्कूल लग रहा है। विद्यार्थी स्कूल आ-जा रहे हैं। इसलिए नियमानुसार अभी अतिक्रमण हटाना संभव नहीं हो पा रहा है। जब स्कूल की छुट्टियां शुरू होंगी तब कार्रवाई की जाएगी।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।