मध्य प्रदेश के इस कलेक्टर की क्यों हो रही चर्चा और लोग क्यों कह रहे इन्हें दबंग अफसर, जानिए- इन्होंने ऐसा क्या कर दिया

मध्य प्रदेश के रतलाम कलेक्टर के कदम और सक्रियता की सराहना हो रही है। उनकी छवि दबंग अफसर के रूप में उभरी है।

Dec 3, 2022 - 21:37
Dec 3, 2022 - 22:55
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मध्य प्रदेश के इस कलेक्टर की क्यों हो रही चर्चा और लोग क्यों कह रहे इन्हें दबंग अफसर, जानिए- इन्होंने ऐसा क्या कर दिया
दबंग सरकार।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । एक जनसेवक का संवेदनशील होना बहुत जरूरी है, अगर वह दबंग भी है तो यह उसके कुशल प्रशासक होने की पहचान भी है। जनता की कसौटी में रतलाम कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी इन दोनों ही पैमानों में सही साबित हुए हैं। हाल ही में उनके द्वारा किए गए कार्य और उठाए गए कदम के कारण लोगों ने उन्हें संवेदनशील के साथ ही दबंग अफसर कहना भी शुरू कर दिया है। 

जमीनों की जादूगरी और सौदागरी के मामले में रतलाम के कतिपय जमीनखोरों को महारथ हासिल है। यही नहीं एप्रोच के मामले में भी ये दूसरे दबाव समूहों की अपेक्षा कहीं आगे हैं। अगर कोई इनकी दुखती रग पर उंगली रख दे तो ये हाथ धोकर उसके पीछे पड़ जाते हैं, खासकर अफसरों के। यही वजह है कि जब भी जमीनों के जादूगरों के विरुद्ध कोई अफसर कार्रवाई शुरू करता है तो उसे हटवाने की कवायद भी शुरू हो जाती है। पूर्व में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल चुके हैं। नतीजतन यहां काबिज रहने वाले ज्यादातर अफसर अतिक्रमण और जमीनों के खेल के मामले में हस्तक्षेप करने से बचते हैं। मौजूदा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी इनके उलट साबित हो रहे हैं। अतिक्रमण, अवैध कॉलोनियों आदि के मामले में उनकी अब तक की कार्रवाई जमीनों के जादूगरों के विरुद्ध ही रही है। सुराज कॉलोनी के लिए प्रस्तावित जमीन से अतिक्रमण हटवा कर उन्होंने फिर लोगों को चौंका दिया।

सत्ताधारी दल से जुड़े नेता हो गए नाराज

सुराज कॉलोनी के लिए जो साढ़े तीन हेक्टेयर जगह चिह्नित की गई है उस पर से अतिक्रमण हटाने के बाद कतिपय लोगों द्वारा फसल बो दी गई थी। सूत्र बताते हैं कि शहर के ही एक नेता के परिजन द्वारा फसल बोकर जमीन पर अतिक्रमण का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि उक्त सरकारी जमीन के पास ही कतिपय नेता व उनके परिजन की जमीन भी बताई जाती है। ये नेता केंद्र, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर सत्ता में काबिज राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। बावजूद शुक्रवार को उक्त जमीन का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर सूर्यवंशी ने फसल उखड़ाने का निर्देश राजस्व अमले को दे दिया। अफसर का आदेश मिलते ही शनिवार को अमले ने जेसीबी से फसल उखाड़ फेंकी।

क्या रंग लाएगी यह नाराजगी ?

सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर के इस कदम से सत्ताधारी दल के नेता जी खफा हैं। उनकी नजर में कलेक्टर ने उनकी शान में गुस्ताखी की है। माना जा रहा है कि नेता जी अपनी पार्टी के वरिष्ठों से चर्चा कर अपनी नाराजगी जताने वाले हैं। उनकी यह नाराजगी आगामी दिनों में क्या रंग लाती है, यह कहना अभी मुश्किल है। वैसे रतलाम में यह कोई नई बात नहीं है, जमीनों के मामले में जब-जब अफसरों ने कोई एक्शन लिया है, उन्हें नाराजगी झेलना ही पड़ी है। हालांकि, इस बार मामला कलेक्टर सूर्यवंशी का है। बताया जाता है कि सूर्यवंशी ऐसे दबाव और शिकायतों की परवाह नहीं करने वाले अफसरों में शुमार हैं। यही कारण है कि उक्त कार्रवाई के बाद से उन्हें लोग एक दबंग अफसर के रूप में देख रहे हैं। इसके साथ ही जिलेवासियों की उनसे अपेक्षाएं और उम्मीद भी बढ़ गई है।

... तो ऐसा दबंग हर अफसर होना चाहिए

अवैध कॉलोनियों के मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के कारण भी कलेक्टर चर्चा में हैं। सुराज कॉलोनी के लिए कवायद शुरू होने से रतलाम प्रदेश का पहला जिला बन गया है जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इससे भी कलेक्टर की सराहना हो रही है। यही कुछ कारण हैं लोग कह रहे हैं कि यदि जनहित के लिए कुछ अच्छा हो रहा है वह भी नियमों का पालन कराते हुए तो ऐसा दबंग हर अफसर को होना चाहिए।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।