लक्ष्य ध्वस्त, सिस्टम पस्त ! HPV टीकाकरण में रतलाम जिला फिसड्डी, CMHO को नोटिस जारी, शासन का अल्टीमेटम; सुधरो या कार्रवाई झेलो
रतलाम में टीकाकरण अभियान में भारी लापरवाही पर CMHO को नोटिस, लेकिन हालात नहीं सुधरे। शासन ने 7 दिन में जवाब मांगा, अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय स्तर के टीकाकरण अभियान में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को नोटिस थमाया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि नोटिस जारी होने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। अब शासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि लापरवाही पर सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, भोपाल द्वारा रतलाम के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बेलसरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत किशोर बालिकाओं के टीकाकरण में बेहद खराब प्रदर्शन के चलते की गई है। पत्र के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से 90 दिनों के लिए प्रदेशभर में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। रतलाम जिले को 16,424 किशोरी बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी केवल 3,721 बालिकाओं का ही टीकाकरण हो सका। यह आंकड़ा लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम है और साफ तौर पर विभागीय उदासीनता को दर्शाता है।
नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात
इतना ही नहीं, शासन द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद जिले में अभियान की गति नहीं बढ़ी। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि निर्देशों का पालन नहीं किया गया और नोटिस के बाद भी हालात जस के तस बने रहे, जिससे शासन की मंशा और अभियान की सफलता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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शासन ने इसे न केवल प्रशासनिक विफलता माना है, बल्कि इसे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया भी बताया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार की लापरवाही से प्रदेश स्तर पर जिले की छवि प्रभावित हो रही है।
7 दिन में जवाब, वरना कार्रवाई तय
डॉ. बेलसरे को निर्देशित किया गया है कि वे 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वेतन वृद्धि रोकने जैसी सख्त कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
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