रतलाम में नरवाई जलाने वाले 114 किसानों पर भारी जुर्माना; अब तक 1.10 लाख वसूले, सैटेलाइट से रखी जा रही है पैनी नजर

रतलाम में नरवाई जलाने वाले 114 किसानों पर प्रशासन ने 1.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया । अब तक 296 घटनाएं सैटेलाइट से पकड़ी गई हैं।

Apr 25, 2026 - 16:32
Apr 25, 2026 - 17:15
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रतलाम में नरवाई जलाने वाले 114 किसानों पर भारी जुर्माना; अब तक 1.10 लाख वसूले, सैटेलाइट से रखी जा रही है पैनी नजर
रतलाम में पराली जलाने पर 114 किसानों पर हुआ जुर्माना।

जिले में अब तक 296 घटनाएं दर्ज, सबसे ज्यादा आलोट और ग्रामीण क्षेत्रों में सुलग रही है आग

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने वाले किसानों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बार-बार समझाइश और आधुनिक मशीनों के प्रदर्शन के बावजूद कई किसान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे किसानों पर शासन के निर्देशानुसार अब तक कुल 1 लाख 10 हजार रुपए का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया जा चुका है।

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उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास आर. के. सिंह ने बताया कि प्रशासन अब तकनीक के सहारे खेतों की निगरानी कर रहा है। सैटेलाइट से प्राप्त डेटा के अनुसार जिले में अब तक नरवाई जलाने की 296 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 114 प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास उप संचालक सिंह ने चेतावनी दी है कि मिट्टी की सेहत से खिलवाड़ पड़ेगा महंगा प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि नरवाई जलाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह खेत की मिट्टी के लिए भी घातक है। आग लगाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और उसकी उपजाऊ शक्ति खत्म हो जाती है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसान भाई नरवाई जलाने के बजाय इसे खाद में बदलें। इससे मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ेंगे और जलधारण क्षमता में भी सुधार होगा। जलवायु अनुकूल खेती अपनाएं और भारी जुर्माने व कानूनी कार्रवाई से बचें।

कहां कितनी घटनाएं दर्ज

  • आलोट: 78 घटनाएं (सबसे अधिक)

  • रतलाम ग्रामीण: 53 घटनाएं

  • पिपलौदा: 51 घटनाएं

  • ताल: 37 घटनाएं

  • रतलाम शहर: 36 घटनाएं

  • जावरा: 30 घटनाएं

  • सैलाना: 07 घटनाएं

  • बाजना: 04 घटनाएं

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।