ईपीएफओ खाताधारक ध्यान दें ! आपको मिल सकता है 50 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोनस, जानने के लिए पढ़ें यह खबर

ईपीएफओ खाता बहुत काम कहा है। यह 7 लाख रुपए तक का बीमा तो प्रदान करता ही है साथ ही सेवानिवृत्ति पर 50 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोनस भी प्रदान करता है।

Dec 11, 2021 - 17:59
Dec 12, 2021 - 03:50
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ईपीएफओ खाताधारक ध्यान दें ! आपको मिल सकता है 50 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोनस, जानने के लिए पढ़ें यह खबर

एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा राशि सेवानिवृत्ति के बाद बहुत काम आती है। लेकिन आप शायद यह नहीं जानते कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के ​​खाते पर 50 हजार रुपए अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है। इसके लिए आपको ईपीएफ का नियम और बोनस प्राप्त करने के लिए क्या करना होगा, यह जानना जरूरी है।

जानकारी के अऩुसार एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (Employees's Deposit Linked Insurance) योजना के तहत सभी पीएफ खाताधारकों को 7 लाख रुपए तक का बीमा मिलता है। इसके अलावा पीएफ खाताधारकों को लॉयल्टी-कम-लाइफ बेनिफिट के तहत भी फायदा मिलता है। इसमें खाताधारक को सेवानिवृत्त होने के समय 50 हजार रुपए का अतिरिक्त बोनस भी मिलता है।

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20 साल तक योगदान जरूरी

नियम के अनुसार एक ईपीएफ खाताधारक अन्य ईपीएफ लाभ के साथ सेवानिवृत्ति पर 50 हजार रुपए तक अतिरिक्त बोनस पाने का पत्र है। इसके लिए कम से कम 20 वर्ष तक उसका योगदान होना जरूरी है। जानकारों की सलाह है कि अगर कोई ईपीएफ खाताधारक नौकरी बदले तो उसे उसी ईपीएफ खाते को निरंतर रखना चाहिए। इससे लॉयल्टी-कम-लाइफ बेनिफिट के लाभ के लिए न्यूनतम 20 साल की शर्त पूरी हो सकती है।

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निधन होने पर उत्तराधिकारी को मिलता है बीमे का लाभ

नौकरी के दौरान कर्मचारी का निधन होने पर कर्मचारी भविष्य निधि सदस्य के नॉमिनी अथवा कानूनी उत्तराधिकारी को 7 लाख रुपए तक का बीमा लाभ मिलता है। अगर सदस्य की मृत्यु हो जाती है और वह मृत्यु से पहले 12 महीने तक लगातार नौकरी कर रहा था तो उसके नॉमिनी को कम से कम 2.5 लाख रुपए का बीमा लाभ मिल सकता है।

बीमे के लिए अधिकतम 15 हजार रुपए मासिक वेतन जरूरी

यह सुविधा का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिल सकता है जिनका वेतन अधिकतम 15 हजार रुपए हो। इसमें नियोक्ता कर्मचारी के मासिक वेतन में 0.5 प्रतिशत की दर से न्यूनतम अंशदान देता है। कर्मचारी को किसी भी प्रकार का अंशदान नहीं करना पड़ता है। 

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।