आवासीय भूखंडों पर हो रहा शाह नर्सिंग होम का संचालन, पार्षद हितेश कामरेड ने उठाए नामांतरण और भ्रष्टाचार पर सवाल

रतलाम में पार्षद हितेश कामरेड ने कटजू नगर के प्लॉट नंबर 124 और 125 के नामांतरण पर सवाल उठाते हुए शिकायत की है। आवासीय प्लॉटों पर नर्सिंग होम संचालन, नियम विरुद्ध नामांतरण और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।

आवासीय भूखंडों पर हो रहा शाह नर्सिंग होम का संचालन, पार्षद हितेश कामरेड ने उठाए नामांतरण और भ्रष्टाचार पर सवाल
काटजूनगर में आवासीय भूखंड पर संचालित शाह नर्सिंगहोम की शिकायत भाजपा पार्षद हितेश कामरेड द्वारा नगर निगम आयुक्त से की गई है।

नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर भूखंड का नामांतरण निरस्त करने व जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने की मांग की

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर में आवासीय भूखंड का व्यवसायिक उपयोग कर नर्सिंग होम संचालित करने का मामला सामने आया है। इस मामले में वार्ड क्रमांक 42 से भाजपा पार्षद हितेश कामरेड ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर शिकायत की है। उन्होंने उक्त भूखंड के नामांतरण निरस्त कर इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

भाजपा पार्षद हितेश कामरेड ने नगर निगम आयुक्त को लिखे पत्र में बताया कि नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक 44 कटजू नगर के भूखंड क्रमांक 124 एवं 125 आवासीय उपयोग के हैं। इसके बावजूद इन भूखंडों पर वर्षों से शाह नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। पार्षद के अनुसार वर्ष 2023 में नियमों के विपरीत नामांतरण भी हो गया और आवासीय भूमि के व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दी गई।

पार्षद का आरोप है कि आवासीय उपयोग वाली भूमि को व्यावसायिक उपयोग में लाने के लिए नगर निगम की विकास शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से नामांतरण किया गया है। इसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

ये भी पढ़ें

नियमों के उल्लंघन का आरोप

पार्षद ने अपने पत्र में कहा है कि आवासीय भूखंड का व्यावसायिक उपयोग किया जाना नियमों के विपरीत है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आम लोगों के मामलों में विकास शाखा नियमों का हवाला देती है, जबकि इस मामले में कथित तौर पर नियमों को दरकिनार कर दिया गया है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित प्लॉटों पर नर्सिंग होम जैसे व्यावसायिक संस्थान का संचालन करना नियम विरुद्ध है।

निगम को आर्थिक नुकसान का दावा

पार्षद का आरोप है कि आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने के बावजूद संबंधित संपत्ति से आवासीय श्रेणी के अनुसार कर वसूला जा रहा है। इससे नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नर्सिंग होम का संचालन नियमों के अनुरूप नहीं होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

ये भी पढ़ें

नामांतरण प्रक्रिया की जांच की मांग

पार्षद हितेश कामरेड ने कहा है कि संबंधित भवनों की लीज अवधि वृद्धि और नामांतरण किस नियम के तहत किया गया, इसकी जांच की जानी चाहिए। पत्र के अनुसार यदि भूमि के मूल स्वरूप में परिवर्तन किया गया है तो आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होना अनिवार्य है।

पार्षद ने ये की है मांग

  • संबंधित भूखंडों के नामांतरण की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
  • पूर्व में किए गए नामांतरण की समीक्षा कर उसे निरस्त किया जाए।
  • प्लॉटों को उनके मूल आवासीय स्वरूप में वापस लाया जाए।
  • आवंटन की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर प्लॉट आवंटन निरस्त किया जाए।
  • नियमों के विपरीत नामांतरण करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज हो।

अब निगाहें निगम प्रशासन पर

लिखित शिकायत सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला नगर निगम की कार्यप्रणाली, भूमि उपयोग नियमों और नामांतरण प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

ये भी पढ़ें