विदाई समारोह में हर बच्चे को मिला "एक पौधा राष्ट्र के नाम", देखभाल और बड़ा करने का संकल्प भी दिलाया

बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए बासिंद्रा जनशिक्षा केंद्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खेड़ीखुर्द के पांचवीं के विद्यार्थियों को विदाई के मौके पर एक-एक पेड़ दिया गया।

Feb 27, 2024 - 15:28
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विदाई समारोह में हर बच्चे को मिला "एक पौधा राष्ट्र के नाम", देखभाल और बड़ा करने का संकल्प भी दिलाया
विदाई के दौरान कक्षा 5वीं के विद्यार्थियों के एक पौधा राष्ट्र के नाम देकर इसे विकसित करने का संकल्प दिलाया गया।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बासिंद्रा से संबद्ध शासकीय प्राथमिक विद्यालय खेड़ीखुर्द में पांचवीं के विद्यार्थियों को विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रभारी शिक्षक कंवरलाल चौहान ने सभी विद्यार्थियों को एक-एक पौधा दिया और और उसे बड़ा करने का संकल्प दिलाया।

संस्था में पूर्व वर्षों की भांति एक छात्र एक पौधा की सफलता को देखते हुए इस वर्ष भी पहल जारी रखते हुए बच्चों को पौधे वितरित किए गए। इस दौरान बच्चों एवं अभिभावकों की पसंद का ध्यान रखा गया। वितरण के लिए फल और छायादार पौधे चयनित किए गए। बच्चों ने कहा इन्हें वे अपने माता-पिता के सहयोग से घर, आंगन अथवा खेत की मेढ़ पर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि वे पौधे की बागड़ भी बनाएंगे और वर्षभर देखभाल करेंगे।

शिक्षक कंवरलाल चौहान ने बताया कि पौधे वितरित करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण के महत्व के प्रति जागरूक करना और पौधों के माध्यम से उन्हें संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका समझाना है। बासिंद्रा के जन शिक्षक हरीश भिंडवाल ने इस कार्य की सराहना करते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्ष एवं अतिथि शिक्षक अमृतलाल देवड़ा आदि उपस्थित थे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।