एक्शन में आरडीए : नगर विकास योजना क्रमांक-02 को मध्य प्रदेश शासन से मिली मंजूरी, रतलाम को देंगे नई सौगात- अशोक पोरवाल

रतलाम के लिए अच्छी खबर है। आरडीए की 70 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में प्रस्तावित नगर विकास योजना क्रमांक 02 को शासन की मंजूरी मिल गई है। आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल ने आश्वस्त किया है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व इसका काम शुरू हो जाएगा।

एक्शन में आरडीए : नगर विकास योजना क्रमांक-02 को मध्य प्रदेश शासन से मिली मंजूरी, रतलाम को देंगे नई सौगात- अशोक पोरवाल
आरडीए की विकास योजना क्रमांक 02 की जानकारी देते अध्यक्ष अशोक पोरवाल।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । करीब एक दशक के अंतराल के बाद रतलाम विकास प्राधिकरण (RDA) एक बार फिर एक्शन मोड पर है। प्राधिकरण की प्रस्तावित नगर विकास योजना क्रमांक-02 को मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग से स्वीकृति मिल गई है। 70.128 हेक्टेयर भूमि पर RDA विकास की नई इबारत लिखेगा। विकास के ऐसे कई अन्य प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित है जिनका खुलासा भी शासन से अनुमति मिलने के बाद आगामी दिनों में किया जाएगा।

यह जानकारी रतलाम विकास प्राधिकरण के राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नव नियुक्त अध्यक्ष अशोक पोरवाल ने मीडिया को दी। उन्होंने योजना को गत 26 मई, 2023 को मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा-50 (1)(घ) के तहत अनुमोदित किया गया है। इसमें 68.778 हेक्टेयर भूमि 136 निजी खातेधारकों की है जबकि 1.35 हेक्टेयर शासकीय है। निजी भूमि प्राप्त कर अधिनियम की धारा 49 (3)(ढ)(एफ) के अनुसार विकसित करने के बाद कुल भूमि का 50 फीसदी तक भू-स्वामियों को लौटाई जाएगी। शेष 50 फीसदी भूमि का उपयोग विकास योजना के तहत उपयोग किया जाएगा।

आरडीए ऐसे करेगा भूमि का उपयोग

अध्यक्ष पोरवाल ने बताया कि कुल विकसित करने के बाद निजी स्वामियों को 50 फीसदी जमीन लौटाने के बाद 20 फीसदी में सड़क का निर्माण होगा। पांच फीसदी में उद्यान, खेल मैदान तथा खुला स्थान रहेगा। पांच फीसदी में सामाजिक अधोसरंचना होगी जिसमें विद्यालय, औषधालय, अग्निशमन सेवाएं, सार्वजनिक उपयोग के स्थल आदि होंगे। शेष 20 फीसदी भूमि प्राधिकरण खुद रखेगा। इसे विकास की प्रकृति के आधार पर आवंटित करेगा। यह परिवर्तन योग्य होगी।

84.16 करोड़ रुपए आएगी लागत

आरडीए अध्यक्ष पोरवाल के अनुसार प्रस्तावित नगर विकास योजना पर कुल 84.16 करोड़ रुपए लागत का अनुमान है। इसमें मुख्य व्यय अर्थ वर्क, सड़कों, डिवाइडर, ड्रेनेज, मल-वहन प्रणाली, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पार्क निर्माण, नलकूप खनन, बिजली वितरण व्यवस्था आदि का विकास प्रमुख है। इस तरह प्रति हेक्टेयर लगभग 1.20 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। इसके मान से यदि प्राधिकरण को आने वाली भूमि को प्रतिवर्ग मीटर 7500 रुपए कीमत प्राप्त होती है तो प्राधिकरण को लगभग 107.58 करोड़ की आय होगी। इसमें लागत निकालने के बाद तकरीबन 23.41 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा। इसका उपयोग आगामी योजनाओं में किया जा सकेगा।

चुनाव से पहले हो जाएगा श्रीगणेश

पोरवाल ने बताया कि नगर विकास योजना को स्वीकृत कराने में महज 20 दिन के प्रयासों में ही सफलता मिल गई है जो अच्छी बात है। यह रतलाम कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, आरडीए के सीईओ संजीव केशव पांडेय, ईई गुप्ता सहित अमले की सतत् सक्रियता के कारण संभव हुआ है। लेकर आरडीए द्वारा जल्दी ही धारा 50 (2) के तहत अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके साथ ही योजना का प्रारूप तैयार करने का काम भी शुरू हो जाएगा। अधिनियम में इसके लिए छह माह की समय-सीमा निर्धारित है। पोरवाल ने भरोसा दिलाया कि विधानसभा चुनाव पूर्व काम शुरू हो जाएगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री से कराया जाएगा।

गुणवत्ता पर नहीं होगा समझौता, आरडीए को बनाएंगे सक्षम

आरडीए द्वारा पूर्व में विकसित चार कॉलोनियों में रहीं खामियों पर मीडिया ने सवाल उठाए। इस पर अध्यक्ष पोरवाल ने कि यह सही है कि कुछ कमियां पूर्व के प्रोजेक्ट में रही हैं किंतु बीते 10 साल में तकनीक, गुणवत्ता इत्यादि में काफी बदलाव हुआ है। अगले किसी भी प्रोजेक्ट में गुणवत्ता और तकनीक के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पोरवाल ने बताया कि आरडीए के पास वर्तमान में 8 करोड़ रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी है। अगले एक-डेढ़ साल में इसे 100 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का प्रयास है। कई अन्य योजनाएं भी पाइप लाइन में हैं जिनका खुलासा आगामी दिनों में होगा।