AI और Gen-Z से पत्रकारिता के सामने बढ़ी चुनौती, प्रामाणिकता और विश्वसनीयता बड़ा सवाल - चेतन्य काश्यप
AI और Gen-Z से पत्रकारिता के सामने बढ़ती चुनौतियों पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने इंदौर में भारतीय पत्रकारिता महोत्सव को संबोधित किया। युवाओं से संवाद, पत्रकारिता की विश्वसनीयता और 2047 के भारत पर बात की।
एसीएन टाइम्स @ इंदौर । AI और Gen-Z के बदलते दौर ने पत्रकारिता के सामने चुनौतियों का स्वरूप और व्यापक कर दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में Gen-Z की प्राथमिकताएं अलग हैं। सोशल मीडिया के बाद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने भी पत्रकारिता के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पत्रकारिता में सामग्री की प्रामाणिकता और माध्यम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल महत्वपूर्ण हो गए हैं।
यह बात एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने इंदौर में स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव को संबोधित करते हुए कही। मंत्री काश्यप ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां जेन-जी की प्राथमिकताएं एकरूप नहीं हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों और शहरों में युवाओं की सोच और प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। मुंबई, दिल्ली, इंदौर से लेकर उत्तर प्रदेश तक जेन-जी के लिए प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं। यह उम्र सपनों को साकार करने की है, इसलिए पत्रकारिता के सामने इस पीढ़ी को समझने और उससे संवाद स्थापित करने की बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस माध्यम पर भरोसे की है। देश में विश्वसनीयता का संकट दिखाई देता है। पहले लोग नेताओं पर भरोसा करते थे, लेकिन अब भरोसे की स्थिति बदल गई है। पत्रकारिता में प्रकाशित सामग्री की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में केवल सूचना उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विश्वसनीय सामग्री के साथ सही संदर्भ और प्रभावी संवाद स्थापित करना भी जरूरी है।
राजेंद्र माथुर के योगदान को किया याद
चेतन्य काश्यप ने कहा कि इंदौर और उज्जैन महोत्सवों की नगरी हैं और इंदौर की भूमि से पत्रकारिता महोत्सव का आयोजन विशेष महत्व रखता है। शिवगंगा अभियान पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अध्ययन का विषय है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को ऊंचाई देने में वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र माथुर के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ अखबारों में जिलों को अलग पेज मिलने लगे हैं। सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के सामने चुनौतियां बढ़ाई हैं और अब एआई ने इन चुनौतियों का स्वरूप और बदल दिया है। पत्रकारिता के बदलते आयामों के साथ युवाओं को जोड़ना आवश्यक है।
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युवाओं से संवाद नहीं हुआ तो दिशाहीन होगी पीढ़ी
मंत्री काश्यप ने कहा कि यदि युवाओं से संवाद स्थापित नहीं किया गया तो यह पीढ़ी दिशाहीन हो सकती है। उन्हें सही मार्ग दिखाना और देश की स्थिति तथा आवश्यकताओं की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं की सरकार बनी, लेकिन वर्तमान स्थिति किसी से छिपी नहीं है।
भोपाल में स्थापित हो रहा ग्लोबल स्किल पार्क
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में 7,500 स्टार्टअप पंजीकृत हैं और नए स्टार्टअप को अब 10 हजार रुपए प्रतिमाह देना शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज कई बार नई सोच और नए विचारों की उपेक्षा करते हैं। सरकार युवाओं को आर्थिक सहयोग इसलिए दे रही है, ताकि वे उपेक्षा का शिकार न हों और अपने आइडिया को वास्तविक रूप दे सकें।
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2047 का भारत सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी विकसित हो
काश्यप ने कहा कि वर्ष 2047 का भारत केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी विकसित होना चाहिए। ऐसा भारत अवसरों से भरा होगा। उन्होंने कहा कि आज राजनीतिक दल युवाओं के बीच उस तरह नहीं जा पा रहे हैं, जिस तरह जाने की आवश्यकता है।





