कम बारिश से फसल को नुकसान और पेयजल संकट गहराने का अंदेशा ! विधायक डोडियार ने CM से की रतलाम जिला सूखाग्रस्त व अभावग्रस्त घोषित करने की मांग

रतलाम जिले में कम बारिश से फसल नुकसान और पेयजल संकट को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा। जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने समेत किसानों को राहत देने की मांग की।

कम बारिश से फसल को नुकसान और पेयजल संकट गहराने का अंदेशा ! विधायक डोडियार ने CM से की रतलाम जिला सूखाग्रस्त व अभावग्रस्त घोषित करने की मांग
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रतलाम जिला सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।

फसल की क्षति के सर्वे से लेकर किसानों को राहत और रबी के लिए वैकल्पिक कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम जिले में इस वर्ष औसत से अत्यंत कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही पेयजल संकट गहराने की आशंका भी बढ़ गई है। इसे लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तत्काल राहत एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने जिले को सूखाग्रस्त / अभावग्रस्त घोषित करने की मांग की है।

जारी पत्र में विधायक डोडियार ने कहा है कि जिले में चालू वर्ष में औसत से अत्यंत कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसलों को व्यापक क्षति हुई है। अल्पवर्षा के फलस्वरूप अनेक क्षेत्रों में फसलें नष्ट/प्रभावित हुई हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक ने पत्र में कहा है कि वर्षा की कमी के कारण कुएं, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों का जलस्तर लगातार अत्यधिक नीचे चला जा रहा है। इसके चलते आगामी रबी सीजन में सिंचाई एवं कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने इन परिस्थितियों को देखते हुए शासन स्तर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

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अधिकारियों को तत्काल राहत कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह

विधायक डोडियार ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए शासन स्तर से तत्काल आवश्यक हस्तक्षेप एवं राहत कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। पत्र के अंत में विधायक ने जनहित में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।

विधायक ने रखीं ये 6 प्रमुख मांगें

  • रतलाम जिले को सूखाग्रस्त/अभावग्रस्त घोषित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
  • राजस्व एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल का गठन कर फसल क्षति का पारदर्शी एवं शीघ्र सर्वे कराया जाए।
  • प्रभावित किसानों को नियमानुसार फसल क्षति राहत/मुआवजा राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
  • पेयजल संकट वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर टैंकर, परिवहन एवं अन्य वैकल्पिक माध्यमों से पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार चारा एवं पेयजल की व्यवस्था की जाए।
  • आगामी रबी फसल के लिए उपलब्ध जलस्रोतों एवं सिंचाई व्यवस्था के आधार पर आवश्यक राहत एवं वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

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