BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सहित 4 के विरुद्ध FIR दर्ज, विधायक बोले- कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित

रतलाम में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के प्रदर्शन के बाद सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, केशू निनामा समेत अन्य पर एफआईआर दर्ज। विधायक ने कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया।

BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सहित 4 के विरुद्ध FIR दर्ज, विधायक बोले- कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार और रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा व उनके समर्थकों के विरुद्ध एफआआर दर्ज।

47 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे प्रदर्शनकारी, प्रशासन ने बिना अनुमति धरना व सड़क जाम का लगाया आरोप

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा और उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन कर यातायात बाधित किया। विधायक डोडियार ने इसे दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया है।

बुधवार को भारत आदिवासी पार्टी के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक खाद, बीज, बिजली संकट तथा ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए रतलाम में एकत्र हुए थे। विधायक कमलेश्वर डोडियार के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही एडीएम को 47 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था।

इसके चलते स्टेशन रोड थाना पुलिस ने राजस्व निरीक्षक तरुण रघुवंशी की रिपोर्ट पर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार, दिनेश माल सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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इसलिए दर्ज हुई एफआईआर 

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को बंजली बायपास पर ही रोककर वहीं ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन विधायक कमलेश्वर डोडियार और समर्थक इस पर सहमत नहीं हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी पैदल शहर की ओर बढ़े। रास्ते में पुलिस ने कई स्थानों पर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे आगे बढ़ते रहे।

पुलिस-प्रशासन ने कोर्ट चौराहे पर बैरिकेड्स लगाए थे, जिसे प्रदर्शनकारियों ने हटा दिया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रशासन ने मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग की कर दी थी लेकिन विधायक और उनके समर्थक सिटी फोरलेन सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सभा को संबोधित भी किया।

पुलिस-प्रशासन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के ऐसा करने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हुई। सड़क जाम होने से आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के आदेश का उल्लंघन किया गया।

रैली की सूचना पहले ही दे दी थी- विधायक

विधायक कमलेश्वर डोडियार का कहना है कि प्रदर्शन और रैली की विधिवत सूचना एक दिन पहले सुबह 11:52 बजे जिला कलेक्टर को शासकीय ई-मेल आईडी के माध्यम से भेज दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से प्रकरण दर्ज किया।

डोडियार ने कहा कि यदि प्रशासन को किसी प्रकार की औपचारिक अनुमति की आवश्यकता थी तो उन्हें इसकी जानकारी देकर प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके विधायक पद से जुड़े विशेषाधिकारों का हनन कर रहा है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एक विधायक को अधिकारियों से मिलने या जनता की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी।

भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक डोडियार ने एफआईआर को पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याओं को उठाने पर इस प्रकार की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है।

उनके अनुसार भारत आदिवासी पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी और न्यायालय के माध्यम से एफआईआर निरस्त कराने का प्रयास करेगी।

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"लोकप्रियता से घबराकर की जा रही कार्रवाई"

डोडियार ने दावा किया कि भारत आदिवासी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और आगामी चुनावों में उसकी रणनीति से घबराकर राजनीतिक विरोधी उन्हें कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि पार्टी किसी भी दबाव में आने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी आदिवासियों, किसानों, मजदूरों और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रही है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर सदन और आवश्यकता पड़ने पर अदालत तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।

कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ने का दावा

विधायक ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से पार्टी कार्यकर्ता और किसान डरने वाले नहीं हैं। इसके विपरीत इससे उनका मनोबल और मजबूत होगा तथा वे जनता के हितों के लिए और अधिक मजबूती के साथ संघर्ष करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठित रहकर आगामी चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान भी किया।

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पंचायती राज चुनावों को लेकर भी किया दावा

कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी आगामी पंचायती राज चुनाव पूरी संगठनात्मक ताकत के साथ लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करेगी तथा सैलाना, बाजना, रतलाम ग्रामीण और पिपलोदा जनपदों में जनपद अध्यक्ष पदों पर भी अपना परचम लहराएगी। इसके साथ ही अधिक से अधिक सरपंच पद जीतकर क्षेत्र की राजनीति में नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।