BAP ने भरी हुंकार ! खाद, बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य और किसानों की समस्या को लेकर किया प्रदर्शन, सैलाना विधायक बोले- 8 दिन में समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन
भारत आदिवासी पार्टी ने रतलाम में 48 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आक्रोश रैली निकाली। विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर खाद, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
48 सूत्रीय मांगों को लेकर भारत आदिवासी पार्टी ने निकाली जन आक्रोश रैली, 7 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे कलेक्ट्रेट
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था, सड़क निर्माण, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आदिवासी क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (बाप) ने बुधवार को रतलाम में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। पार्टी ने बंजली बायपास तिराहा से जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इस दौरान 48 सूत्रीय ज्ञापन भी दिया गया। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने चेतावनी दी कि 8 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो फिर आंदोलन होगा।
भारत आदिवासी पार्टी द्वारा किए गए जन आक्रोश रैली के आह्वान के चलते बुधवार सुबह 11 बजे से बांसवाड़ा रोड स्थित बंजली बायपास तिराहे पर कार्यकर्ता जुटना शुरू हो गए थे। देखते ही देखते सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर लेकर मौके पर एकत्र हो गए। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, वरिष्ठ नेता चंदू मईड़ा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली शुरू होने से पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्टी नेताओं से चर्चा कर कलेक्ट्रेट तक मार्च नहीं निकालने और मौके पर ही ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव रखा। हालांकि नेताओं ने इसे स्वीकार नहीं किया। जिला उपाध्यक्ष केशु निनामा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालेगी और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपेगी। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से रैली को नहीं रोकने की अपील की।
समस्याएं सुलझाने के बजाय बढ़ा रहे अधिकारी- विधायक डोडियार
रैली को संबोधित करते हुए विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि चार दिन पहले ही तय किया गया था कि कलेक्टर कार्यालय जाकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अधिकारी नई समस्याएं खड़ी कर रहे हैं, इसलिए पार्टी सीधे जिला मुख्यालय पर अपनी बात रखने आई है। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही ज्ञापन देने के सुझाव को कार्यकर्ताओं ने भी अस्वीकार कर दिया। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे बंजली तिराहे से रैली कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुई।
7 किमी पैदल चले, बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़े
रैली में शामिल कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। विधायक कमलेश्वर डोडियार और जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा भी कार्यकर्ताओं के साथ पैदल चलते रहे। दोनों नेताओं ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ करीब सात किलोमीटर पैदल यात्रा कर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।
रैली को रोकने के लिए पुलिस ने आंबेडकर सर्कल और कोर्ट चौराहा सहित कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए, लेकिन कार्यकर्ता आगे बढ़ते रहे। कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया और किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।
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कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर बैठ गए प्रदर्शनकारी
कलेक्ट्रेट के बाहर रोके जाने के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा और कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान प्रदर्शनकारी लगातार कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कलेक्टर कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। करीब एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद शाम करीब 5 बजे विधायक डोडियार ने अपर कलेक्टर को 48 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
...तो आंदोलन होगा तेज
ज्ञापन सौंपने के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर मांगों और समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो भारत आदिवासी पार्टी आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगी।
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ज्ञापन में ये उठाई प्रमुख मांगें
किसानों से जुड़े मुद्दे
- खाद-बीज की कालाबाजारी और अधिक मूल्य वसूली पर रोक लगाई जाए।
- ई-टोकन और फार्मर रजिस्ट्री के कारण किसानों को हो रही परेशानियां दूर की जाएं।
- वर्षों से शासकीय भूमि पर खेती कर रहे गरीब आदिवासी किसानों को भी खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए।
- सरवन, शिवगढ़, बासिन्द्रा और रावटी में नगद उर्वरक विक्रय केंद्र खोले जाएं।
- किसानों की विवादित भूमि का सीमांकन समय-सीमा में किया जाए।
- आदिवासी किसानों की भूमि विवाद और सीमांकन मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
सड़क और परिवहन संबंधी मांगें
- बारिश में खराब होने वाले ग्रामीण मार्गों पर तत्काल ग्रेवल और मुरम डाली जाए।
- शिवगढ़ बायपास रोड का निर्माण कराया जाए।
- रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग को फोरलेन बनाया जाए।
- लंबित सड़क और डेम निर्माण कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं।
मंडी और कृषि सुविधाएं
- सरवन में उपमंडी प्रारंभ की जाए।
- सैलाना मंडी को बायपास क्षेत्र में स्थापित किया जाए।
- सैलाना मंडी में व्यापारी भवन का निर्माण कराया जाए।
पेयजल और बिजली व्यवस्था
- जिन गांवों में लोगों को पेयजल के लिए 300 मीटर या उससे अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है, वहां तत्काल जल व्यवस्था की जाए।
- छावनी, नारायणगढ़ और बरड़ा में निर्मित टंकियों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- बाजना में 33 केवी विद्युत ग्रिड स्थापित किया जाए।
राजस्व और प्रशासनिक मांगें
- पटवारियों की नियमित हल्का उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
- राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कराया जाए।
- भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे
- सैलाना और बाजना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवनों के लिए स्वीकृत राशि जारी कर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए।
- नव निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन शुरू किया जाए।
- सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों और महिला चिकित्सकों की पदस्थापना की जाए।
- शिवगढ़, रावटी और सरवन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत किया जाए।
- मरीजों को अनावश्यक रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।
कानून व्यवस्था और अन्य मांगें
- अवैध शराब बिक्री और तस्करी पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- पुलिस थानों में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
- आईटीडीपी सैलाना में रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
शिक्षा से जुड़े मुद्दे
- छात्रावासों और आश्रमों की नियमित जांच कर गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
- सैलाना के भीलों की खेड़ी हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नत किया जाए।
- सैलाना में कृषि महाविद्यालय स्थापित किया जाए।
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