राशन दुकान का गेहूं बाजार में खपाने की तैयारी ! 30 कट्टे लदे वाहन को ग्रामीणों ने रोका, स्टॉक मिलान में 5 टन खाद्यान्न गायब

रतलाम के गढ़ीगमना में राशन दुकान के स्टॉक में 5,040 किलो खाद्यान्न की कमी मिली। 30 कट्टे गेहूं ले जा रहे वाहन को ग्रामीणों ने रोका। वाहन मालिक, चालक, विक्रेता और उसके पति पर FIR दर्ज।

राशन दुकान का गेहूं बाजार में खपाने की तैयारी ! 30 कट्टे लदे वाहन को ग्रामीणों ने रोका, स्टॉक मिलान में 5 टन खाद्यान्न गायब

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । गरीबों के हिस्से का राशन बाजार में खपाने की तैयारी का मामला सामने आया है। बाजना क्षेत्र के गढ़ीगमना गांव में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के वाहन को रोककर पुलिस के हवाले किया तो उसमें 30 कट्टों में करीब डेढ़ टन गेहूं और तौल कांटा मिला। इसके बाद उचित मूल्य दुकान के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया तो 4 हजार किलो गेहूं, 1 हजार किलो चावल और 40 किलो शक्कर कम मिली। पुलिस ने वाहन मालिक, चालक, राशन दुकान विक्रेता और उसके पति के खिलाफ FIR दर्ज की है।

मामला 19 जुलाई का है। गढ़ीगमना के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के वाहन क्रमांक MP43G5042 को रोक लिया था। वाहन को बाजना थाने में खड़ा कराया गया। अगले दिन 20 जुलाई को ग्राम पंचायत के सरपंच दलीचंद मेडा और ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस के सामने वाहन की जांच की गई।

जांच में वाहन में 50 किलो क्षमता वाले जूट के 30 कट्टे गेहूं से भरे मिले। इसके अलावा तौल कांटा भी मिला। गेहूं और कांटा जब्त कर प्राथमिक कृषि साख समिति बाजना द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पन्नालाल टांक की सुपुर्दगी में दिए गए, जबकि वाहन चालक मोहन चरपोटा को वाहन सौंपा गया।

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ग्रामीणों ने दुकान संचालन पर भी उठाए सवाल

पुलिस थाने में मौजूद उपभोक्ताओं, ग्रामीणों और सरपंच ने जांच के दौरान राशन दुकान के संचालन को लेकर भी गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। ग्रामीणों के मुताबिक गढ़ीगमना की उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण का काम विक्रेता रीना टांक और उनके पति मुकेश टांक करते हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें नियमित रूप से राशन उपलब्ध नहीं कराया जाता और बचा हुआ राशन बाजार में बेच दिया जाता है। उनका कहना था कि दुकान महीने में केवल 2 से 3 दिन खोली जाती है। ई-केवाईसी के लिए भी उपभोक्ताओं को गढ़ीगमना के बजाय बाजना स्थित घर पर बुलाए जाने की बात जांच के दौरान सामने आई।

रिकॉर्ड में राशन था, गोदाम में नहीं

मामले की जांच में गढ़ीगमना उचित मूल्य दुकान कोड क्रमांक 1706004 के विभागीय पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न का मिलान किया गया। इसमें रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया। कम मिले खाद्यान्न की अनुमानित कीमत 1 लाख 59 हजार रुपए आंकी गई।

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30 कट्टे गेहूं बाजार में बेचने ले जाने का आरोप

जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के वाहन में उचित मूल्य दुकान से निकाले गए 30 कट्टे गेहूं बाजार में बेचने के उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे। वाहन में गेहूं के अलावा अन्य राशन सामग्री नहीं मिली।

जांच में वाहन मालिक अनीस भगोरा और चालक मोहन चरपोटा की ओर से निर्धारित वाहन व्यवस्था संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने की बात कही गई। वहीं दुकान की विक्रेता रीना पति मुकेश टांक और मुकेश टांक पिता शंकर टांक के खिलाफ मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का मामला पाया गया।

चारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम में केस

जांच प्रतिवेदन के आधार पर खाद्यान्न में गड़बड़ी और राशन को अनधिकृत रूप से ले जाने के मामले में चारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध पाए जाने पर थाना बाजना में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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