कलेक्टर का एक्शन ! छात्राओं की सुरक्षा के लिए आलोट के दो छात्रावास अधीक्षकों को हटाया, कन्या छात्रावास में छात्राओं का वीडियो बनाने और प्रताड़ित करने का मामला

आलोट के कन्या छात्रावास में छात्राओं का वीडियो बनाने और अधीक्षिका पर लगे गंभीर आरोपों के बीच कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्त एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर दो छात्रावास अधीक्षकों को हटा दिया गया है। मामला विधानसभा में भी उठ चुका है।

कलेक्टर का एक्शन ! छात्राओं की सुरक्षा के लिए आलोट के दो छात्रावास अधीक्षकों को हटाया, कन्या छात्रावास में छात्राओं का वीडियो बनाने और प्रताड़ित करने का मामला
आलोट के दो छात्रावास अधीक्षकों पर गिरी गाज।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम। आलोट के शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास में छात्राओं का वीडियो बनाने तथा छात्रावास अधीक्षिका के विरुद्ध गंभीर आरोप लगने से उपजा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। मामला कलेक्टर अजय कटेसरिया तक पहुंचा तो उन्होंने बड़ा एक्शन लिया। कलेक्टर के निर्देश पर कन्या छात्रावास की अधीक्षिका के साथ ही अनुसूचित जाति बालक सीनियर उत्कृष्ट छात्रावास के अधीक्षक को भी हटा दिया गया है। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। 

कार्रवाई के तहत जनजातीय कार्य विभाग के अधीन अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास की अधीक्षिका निर्मला झोड़िया भाबर और अनुसूचित जाति बालक सीनियर उत्कृष्ट छात्रावास के अधीक्षक करण सिंह जाट को उनकी मूल संस्था के लिए कार्यमुक्त किया गया है। कार्रवाई संबंधित छात्रावास की छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों के परीक्षण के बाद की गई है।

क्या है वीडियो बनाने का विवाद

पूरे मामले में सिक्के के दो पहलू हैं। पहले बात करेंगे एक पहलू की जो 13 जुलाई से जुड़ा बताया जा रहा है। कन्या छात्रावास की अधीक्षिका निर्मला झोड़िया भाबर के अनुसार उस दिन रतलाम से अधिकारी भास्कर खींची निरीक्षण के लिए छात्रावास पहुंचे थे। उनके साथ आलोट के अनुसूचित जाति बालक सीनियर उत्कृष्ट छात्रावास के अधीक्षक करण सिंह जाट भी थे।

अधीक्षिका का आरोप है कि जाट बिना अनुमति छात्राओं के कमरों में पहुंचे और उनके वीडियो बनाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाट ने छात्राओं को उनके खिलाफ शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। अधीक्षिका के मुताबिक उन्होंने 14 जुलाई को पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

इसी विवाद के बीच छात्रावास की चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधीक्षिका ने छात्राओं की तबीयत खराब होने को मामले से उपजे तनाव से जोड़ते हुए पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए।

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सहायक आयुक्त पर भी उठाए सवाल

मामले की जांच को लेकर अधीक्षिका ने जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त प्रियंका राय पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जांच के दौरान केवल कुछ छात्राओं के बयान लिए गए, जबकि छात्रावास में करीब 50 छात्राएं हैं। अधीक्षिका ने सभी छात्राओं के बयान लिए जाने और जांच कलेक्टर स्तर से कराए जाने की मांग की थी।

अधीक्षिका ने करण सिंह जाट पर गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

छात्राओं ने भी उठाया था जांच पर सवाल

विवाद के बीच छात्राओं ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी थी। उनका आरोप था कि वीडियो बनाए जाने का विरोध करने पर उन्हें फटकार मिली और अधीक्षिका को निलंबित करने की धमकी दी गई। छात्राओं ने मामले की कलेक्टर स्तर से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सभी छात्राओं के बयान दर्ज किए जाने की बात कही थी।

विधानसभा में भी उठा था मामला

आलोट के छात्रावास से जुड़ा एक पहलू विधानसभा तक भी पहुंच चुका है। मंदसौर विधायक विपिन जैन ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से सरकार से पूछा था कि कन्या छात्रावास में पुरुष लोकसेवक के प्रवेश और छात्राओं के वीडियो बनाए जाने को लेकर क्या नियम हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि करण सिंह जाट के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कब तक की जाएगी।

विधायक ने छात्रावास में पुरुष अधीक्षक के प्रवेश और छात्राओं के वीडियो बनाए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था की मांग की थी।

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सिक्के का दूसरा पहलू यह है

अब बात सिक्के के दूसरे पहलू की जो छात्राओं द्वारा कन्या छात्रावास की अधीक्षिका के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से संबंधित हैं। छात्राओं के एक धड़े ने छात्रावास की अधीक्षिका निर्मला भाम्भर भावर, कर्मचारी उषा मीणा और कलावती कला पांचाल पर प्रताड़ना, मारपीट, जबरन सफाई कराने, सामग्री के नाम पर पैसे लेने और धमकाने के आरोप लगाए हैं। छात्राओं का अधीक्षिका के पति पर भी अभद्र टिप्पणियां करने और गंदी नजरों से देखने का आरोप है।

इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की आलोट इकाई ने 8 अगस्त को तहसीलदार वंदना किराड़े को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में छात्राओं से निजी काम कराने, बिना अनुमति वीडियो बनाने और अधीक्षिका के भाई के पुत्र के नियमों के विपरीत छात्रावास परिसर में रहने का आरोप भी लगाया गया है। छात्राओं ने मामले की निष्पक्ष जांच, अधीक्षिका को हटाने और सुरक्षा के लिए महिला चौकीदार नियुक्त करने की मांग की है।

अब कलेक्टर के एक्शन के बाद सवाल

दो अधीक्षकों को छात्रावास की जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद अब निगाह इस बात पर है कि शिकायतों की जांच में क्या तथ्य सामने आए और आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल प्रशासनिक आदेश में दोनों को कार्यमुक्त किए जाने की पुष्टि है, लेकिन शिकायतों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा है कि छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के हित, सुरक्षा एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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