वरिष्ठ पत्रकार एवं रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, 10 अगस्त को होगा अंतिम संस्कार

वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी का 74 वर्ष की उम्र में इंदौर के निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से रतलाम सहित प्रदेशभर के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, 10 अगस्त को होगा अंतिम संस्कार
वरिष्ठ पत्रकार एवं रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी का निधन।

वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, पत्रकारों के अधिकारों और पत्रकारिता के मूल्यों के लिए जीवनभर रहे सक्रिय

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । वरिष्ठ पत्रकार, रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष और पत्रकारों के हितों के लिए लंबे समय तक सक्रिय रहे शरद जोशी का 9 अगस्त (रविवार) को निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा सोमवार 10 अगस्त को सुबह 10.30 बजे रतलाम स्थित उनके निवास, पैलेस रोड से निकलेगी।

74 वर्षीय शरद जोशी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के निजी अस्पताल में उनका उपचार जारी था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही रतलाम सहित प्रदेशभर के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत जोशी के परिवार में पत्नी उषा जोशी, पुत्र अभिजीत जोशी व ईशान हैं। वे स्व. अशोक जोशी (मुंबई), स्व. डॉ. दिनेश जोशी (रतलाम), स्व. डॉ. विजय जोशी (आगर), स्व. डॉ. जय किरण जोशी (बड़नगर) के भाई थे। नरेश मेहता ग्यानपीठ पुरस्कार प्राप्त जोशी नंदकिशोर भट्ट राज्यसभा सांसद के भांजे तथा ख्यात गीतकार कवि प्रदीप आपके भतीजे थे।

विभिन्न दायित्वों का किया निर्वाह

हिन्दी दैनिक समाचार पत्र स्वदेश और हिन्दुस्थान न्यूज एजेंसी के रतलाम जिला प्रमुख शरद जोशी ने पत्रकारिता के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और संस्थागत दायित्वों का भी निर्वहन किया। वे रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष रहे। वे रतलाम नागरिक सहकारी बैंक व जिला सहकारी संघ अध्यक्ष, मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के वरिष्ठ मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के डायरेक्टर सहित अनेक शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों सहित अनेक सहकारी संस्थाओं, सहकार भारती में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे। छात्र राजनीति से ही अनेक पदों पर रहकर अपनी पहचान बनाई। भाजपा के जिला प्रवक्ता के साथ संघ से भी जुड़े रहे।

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पत्रकारिता के मूल्यों के लिए जीवनभर रहे प्रतिबद्ध

शरद जोशी का पत्रकारिता जीवन कई दशकों में फैला रहा। उन्होंने पत्रकारिता को महज पेशा न मानकर समाज और लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखा। निर्भीकता, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकार उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रहे।

पत्रकारों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर वे लगातार सक्रिय रहे। पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने अपनी आवाज मजबूती से उठाई और पत्रकारों की विभिन्न पीढ़ियों का मार्गदर्शन भी किया।

उनके सहयोगियों और समकालीन पत्रकारों के लिए शरद जोशी का व्यक्तित्व केवल एक वरिष्ठ पत्रकार तक सीमित नहीं था। वे पत्रकारिता के मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते थे, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी भूमिका को जिम्मेदारी और संघर्ष के साथ निभाया।

पत्रकारिता के एक दौर का अवसान

शरद जोशी के निधन को रतलाम और प्रदेश की पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके लंबे अनुभव, संघर्षशील व्यक्तित्व और पत्रकार हितों के प्रति सक्रियता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई।

उनके निधन से पत्रकारिता ने एक अनुभवी, संवेदनशील और संघर्षशील व्यक्तित्व खो दिया है। उनके जाने के साथ पत्रकारिता के उस दौर की एक महत्वपूर्ण कड़ी भी समाप्त हो गई, जिसकी पहचान साहस, संघर्ष, सामाजिक सरोकार और पत्रकारिता के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता से रही।

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