40 वर्ष की शासकीय सेवा के बाद अनीता सागर सेवानिवृत्त, व्याख्याता, डाइट प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाईं

व्याख्याता, डाइट प्राचार्य एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी अनीता सागर 40 वर्षों की शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुईं। सम्मान समारोह में शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट सेवाओं को याद करते हुए भावभीनी विदाई दी।

40 वर्ष की शासकीय सेवा के बाद अनीता सागर सेवानिवृत्त, व्याख्याता, डाइट प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाईं
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एवं व्याख्याता अनीता सागर को सेवानिवृत्ति पर स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन करते शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी।

शिक्षा जगत ने दी भावभीनी विदाई, सम्मान समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं को किया याद

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शिक्षा विभाग में चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं देने वाली व्याख्याता, डाइट प्राचार्य एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी अनीता सागर सेवानिवृत्त हो गईं। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने उनके दीर्घ, समर्पित एवं प्रेरणादायी सेवाकाल को याद करते हुए उनका सम्मान कर भावभीनी विदाई दी।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि अनीता सागर ने अपने 40 वर्षों के सेवाकाल में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षक प्रशिक्षण तथा प्रशासनिक दक्षता को मजबूत बनाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए, जिसका लाभ विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को मिला।

नए शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे कार्य

इस अवसर पर अतिथियों ने उन्हें स्मृति-चिह्न, शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि उनकी कार्यशैली, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सहज व्यवहार आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों एवं अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

सेवाकाल के अनुभव साझा किए

अपने सम्मान के लिए अनीता सागर ने सभी सहयोगियों, वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने 40 वर्षों के सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना उनके लिए सदैव गर्व और संतोष का विषय रहा है। उन्होंने सभी से शिक्षा के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर डॉ. नरेंद्र गुप्ता सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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