रतलाम में 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' 5 जुलाई से 12 अगस्त तक, अभियान का पोस्टर विमोचन और अहम बैठक कल

रतलाम में 5 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' के तहत भाई-बहन की पहाड़ी पर 1100 बरगद, पीपल और नीम के पौधे लगाए जाएंगे। अभियान की शुरुआत 5 जुलाई को विधायक सभागृह में आयोजित बैठक और पोस्टर विमोचन से होगी।

रतलाम में 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' 5 जुलाई से 12 अगस्त तक, अभियान का पोस्टर विमोचन और अहम बैठक कल
रतलाम में त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान 5 जुलाई से 12 दिसंबर तक चलेगा।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम को हरित, पर्यावरणीय रूप से संतुलित और तापमान की दृष्टि से अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' की शुरुआत की जा रही है। अभियान के प्रथम चरण में 5 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक रतलाम-शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर 1100 त्रिवेणी (बरगद, पीपल और नीम) का रोपण किया जाएगा।

अभियान को लेकर 5 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे विधायक सभागृह, बरबड़ रोड, रतलाम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख, पर्यावरणविद, प्रकृति प्रेमी, स्वयंसेवक, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अवसर पर महाअभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया जाएगा तथा अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य और जनभागीदारी को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

अलग-अलग चरणों में चलेगा महाअभियान

'त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान' को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण में भाई-बहन की पहाड़ी पर 1100 त्रिवेणी का रोपण किया जाएगा। इसके पश्चात रतलाम के अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी त्रिवेणी रोपण का कार्य विस्तार दिया जाएगा।

इस अभियान की विशेषता यह रहेगी कि केवल पौधारोपण तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख, संरक्षण और सिंचाई की व्यवस्था तब तक सुनिश्चित की जाएगी, जब तक वे पूर्ण विकसित वृक्ष का स्वरूप नहीं ले लेते। पूरा अभियान समाज के सहयोग और जनभागीदारी से संचालित होगा।

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दो माह के मंथन के बाद तैयार हुई अभियान की रूपरेखा

इस वर्ष ग्रीष्म ऋतु के दौरान रतलाम का अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसी दौरान रतलाम का नाम विश्व के सबसे गर्म 10 शहरों की सूची में भी शामिल हुआ। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पिछले लगभग दो माह से प्रबुद्धजन, पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार विचार-विमर्श कर रहे थे।

मंथन के दौरान यह निष्कर्ष सामने आया कि जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म एवं शुष्क हवाओं के कारण रतलाम में तापमान की स्थिति अधिक गंभीर होती जा रही है। विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों की राय में इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान शहर और उसके आसपास बड़े पैमाने पर सघन वन विकसित करना है।

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क्यों चुनी गई त्रिवेणी

अभियान के लिए बरगद, पीपल और नीम के पौधों का चयन विशेष महत्व को ध्यान में रखकर किया गया है। इन तीनों वृक्षों का वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, औषधीय, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार ये वृक्ष वातावरण को शुद्ध बनाने, भूमि कटाव रोकने, जैव विविधता को संरक्षण देने, अनेक पक्षियों एवं जीवों के प्राकृतिक आवास विकसित करने तथा स्थानीय जलवायु को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि अभियान का केंद्र बिंदु त्रिवेणी रोपण को बनाया गया है।

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