रतलाम जिला पेयजल अभावग्रस्त घोषित : बिना अनुमति किया नलकूप या बोरवेल खनन तो हो जाएगी जेल, जानिए- कब तक क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित

ग्रीष्म ऋतु में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 30 जून अथवा बारिश शुरू होने तक के लिए यह प्रतिबंध लागू किया गया है। इसके तहत इस अवधि में कई प्रतिबंध रहेंगे।

Mar 18, 2022 - 01:01
Mar 18, 2022 - 01:04
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रतलाम जिला पेयजल अभावग्रस्त घोषित : बिना अनुमति किया नलकूप या बोरवेल खनन तो हो जाएगी जेल, जानिए- कब तक क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित

एसीएन टाइम्स @ रतलाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने संपूर्ण रतलाम जिले को पेयजल अभावग्रस्त घोषित किया है। यह आदेश मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन 2002 के अंतर्गत जारी किया गया है। ऐसा करने के पीछे उद्देश्य ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त मात्रा में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

आगामी 30 जून अथवा पर्याप्त बारिश होने तक की अवधि के लिए जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार जिले में नदी, बांध, नहर, जलधारा, झरना, झील, सोता, जलाशय या कुएं से सिंचाई, औद्योगिक उपयोग एवं अन्य प्रयोजन के लिए किन्ही भी साधनों द्वारा जल लेना प्रतिबंधित रहेगा।

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जल अभाव का क्षेत्र में ऐसे जल स्रोत जो पेयजल उपलब्धता बनाए रखने हेतु आवश्यक है, उनका अधिग्रहण किया जा सकेगा। प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी प्रयोजन के लिए नलकूप या बोरवेल खनन प्रतिबंधित रहेगा। पेयजल एवं घरेलू उपयोग के लिए नलकूप खनन की अनुमति देने हेतु संबंधित क्षेत्र के राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी प्राधिकृत किए गए हैं। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर पेयजल परिरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कारावास या दंड या दोनों से दंडित किया जाएगा।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।