रतलाम जिले में 7, 8 तथा 9 अक्टूबर को मनेगा अन्न उत्सव, उचित मूल्य की 522 दुकानों पर वितरित होगा खाद्यान्न

सितंबर और अक्टूबर का खाद्यान्न वितरित करने के लिए रतलाम जिले में 7 से 9 अक्टूबर तक अन्न उत्सव मनाया जाएगा।

Oct 6, 2022 - 22:06
Oct 6, 2022 - 22:15
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रतलाम जिले में 7, 8 तथा 9 अक्टूबर को मनेगा अन्न उत्सव, उचित मूल्य की 522 दुकानों पर वितरित होगा खाद्यान्न
अन्न उत्सव।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले में 7, 8 तथा 9 अक्टूबर को सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर अन्न उत्सव मनाया जाएगा। कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने सभी उचित मूल्य दुकानों पर आवंटन अनुसार खाद्यान्न वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

जिला आपूर्ति अधिकारी एस. एच. चौधरी ने बताया कि जिले की 522 उचित मूल्य दुकानों पर अन्न उत्सव मनेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सतर्ककता समिति के सदस्यों की उपस्थिति में 7, 8 तथा 9 अक्टूबर को आयोजन होगा। अन्न उत्सव में सितम्बर के शेष रहे व अक्टूबर के पात्र परिवारों को रियायती दर पर नियमित एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। अन्न उत्सव के पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है।

चौधरी ने बताया कि प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर पात्र हितग्राहियों से फीडबैक फॉर्म भी भरवाए जाएंगे। जिले में उक्त आयोजन की मॉनिटरिंग हेतु सहायक संचालक, खाद्य संचालनालय भोपाल को नियुक्त किया गया है, उनके द्वारा भी जिले में भ्रमण कर अन्न उत्सव आयोजन का पर्यवेक्षण किया जाएगा। उपभोक्ताओं को राशन प्राप्त करने में यदि कोई कठिनाई, समस्या हो तो जिला स्तरीय पीडीएस नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07412-270414 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।