रतलाम में फूड पॉइजनिंग, पालक की बासी सब्जी खाने से बिगड़ी एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत, एक वृद्धा की मौत

जिले के धामेड़ी गांव में फूड पॉइजनिंग से 5 लोगों के बीमार होने की घटना सामने आई है। इनमें से एक वृद्धा की मौत हो गई जबकि चार का उपचार जारी है। प्रभावितों ने दो दिन पूर्व बनी पालक की सब्जी खाने की जानकारी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Jun 3, 2022 - 11:42
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रतलाम में फूड पॉइजनिंग, पालक की बासी सब्जी खाने से बिगड़ी एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत, एक वृद्धा की मौत
रतलाम में फूड पॉइजनिंग।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के पिपलौदा विकासखंड के धामेड़ी गांव में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। यहां दूषित भोजन करने से एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीतयत खराब हो गई जिनमें से एक वृद्धा की बीती रात मौत हो गई। चार प्रभावितों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

पिपलौद पुलिस के अनुसार धामेड़ी में एक घर में दो दिन पूर्व पालक की सब्जी बनाई गई थी। इसे बीती शाम धामेड़ी के ही 80 वर्षीय दापूबाई पति नंदराम, पोता हरीश पिता भेरूलाल (27), सुनील पिता भेरूलाल (25) और संगीता पित दिलीप (23) तथा दिलीप पिता मांगीलाल निवासी बोरदिया ने यह सब्जी खाई। इसके बाद सभी की की तबीयत बिगड़  गई। इनमें से चार को पिपलौदा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से उन्हें जिला अस्पताल रैफर किया गया। जबकि 80 वर्षीय धापू बाई को पक्षाघात होने से उन्हें घर पर ही दवाई भिजवाई गई जिन्होंने बीती रात घर पर ही दम तोड़ दिया।

बोरदिया निवासी दिलीप धामेड़ी पत्नी संगीता को लेने गया था। सभी के साथ उसने भी खाना खाया। इसके बाद वह भी बीमार हो गया। थाना प्रभारी दीपक मंडलोई के मुताबिक प्रभावितों ने दो दिन पहले बनी पालक की सब्जी खाने की बात कही है। जांच की जा रही है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।