खेल सामग्री खरीदने में किया ‘खेल’, कलेक्टर ने जिले के तीन हायर सेकंडरी स्कूलों के प्राचार्यों के निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की

रतलाम जिले के सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री खरीदने में अनियमितता का मामला सामने आया है। मामले में दोषी पाए जाने पर तीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों को सस्पेंड करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संभागायुक्त को पत्र भेजा है।

खेल सामग्री खरीदने में किया ‘खेल’, कलेक्टर ने जिले के तीन हायर सेकंडरी स्कूलों के प्राचार्यों के निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की
खेल सामग्री खरीदने में अनियमितता पर तीन प्राचार्यों पर कार्रवाई।

जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री खरीदने के लिए दिए गए 25-25 हजार रुपए, भौतिक सत्यापन में साबित हो गई अनियमितता

 एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने जनजाति कार्य विभाग के अधीन संचालित जिले के तीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के तीन प्राचार्यों को सस्पेंड करने की अनुशंसा की है। यह कार्रवाई विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री खरीदने में अनियमितता बरतने पर की गई है। कलेक्टर ने प्राचार्यों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संभागायुक्त को लिखा है।

जानकारी के अनुसार जनजाति कार्य विभाग में शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अंतर्गत खेल सामग्री खरीदने के लिए प्रत्येक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को 25-25 हजार रुपए प्रदान किए गए थे। इससे स्कूलों में खेल गतिविधियों और विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास को ध्यान में रखते आवश्यकता अनुसार खेल सामग्री खरीदी जानी थी। इसकी जिम्मेदारी संस्था प्राचार्यों को दी गई थी लेकिन इसमें अनियमितता बरती गई। 

संस्था प्राचार्य द्वारा खेल सामग्री क्रय में अनियमितता की जानकारी संज्ञान में आने पर स्कूलों का निरीक्षण करवा कर सामग्री का भौतिक सत्यापन करवाया गया। इसमें अनियमितता की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने जिले के तीन प्राचार्यों को सस्पेंड करने की अनुशंसा की है। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरवन की प्राचार्य प्रीति जैन, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सैलाना के प्राचार्य पंकजसिंह चंदेल एवं शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरवन के प्रभारी प्राचार्य शिवरमन बोरीवाल शामिल हैं। कलेक्टर ने इन्हें सस्पेंड कर इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा का प्रतिवेदन संभाग आयुक्त उज्जैन को प्रेषित किया है।