बढ़ी स्वास्थ्य सुविधा : जिला चिकित्‍सालय में निःशुल्क होगी ग्‍लूकोमा (काला मोतिया) की सर्जरी, नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर

रतलाम के जिला अस्पताल में ग्लूकोमा पीड़ित नेत्र रोगियों की सर्जरी शुरू हो गई है। सर्जरी निःशुल्क होगी।

Nov 25, 2023 - 01:28
Nov 29, 2023 - 14:25
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बढ़ी स्वास्थ्य सुविधा : जिला चिकित्‍सालय में निःशुल्क होगी ग्‍लूकोमा (काला मोतिया) की सर्जरी, नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर
रतलाम के जिला अस्पताल में होगी ग्लूकोमा की निःशुल्क सर्जरी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ग्लूकोमा अर्थात काला मोतिया के ऑपरेशन के लिए रतलाम के लोगों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अब यह सुविधा यहां के जिला अस्पताल में ही उपलब्ध होगी वह भी नि:शुल्क। पहले यहां नेत्र रोगों के उपचार के लिए मोतियाबिंद की नि:शुल्‍क ऑपरेशन की सुविधा ही उपलब्‍ध थी किंतु अब ग्‍लूकोमा अर्थात नेत्र रोग में काला मोतिया के ऑपरेशन की सुविधा भी शुरू हो गई है।

भूलीबाई पति नागूजी (50) निवासी ग्राम बनबाना, ब्‍लॉक नागदा, जिला उज्‍जैन लंबे समय से नेत्र  रोग से पीड़ित थीं। वे अपना उपचार नहीं करवा पा रहीं थी। उन्‍होंने जिला चिकित्‍सालय में अपनी ऑखों का परीक्षण कराया तो उन्‍हें ग्‍लूकोमा बताया गया। जिला चिकित्‍सालय के नेत्र रोग विभाग में डॉ. सागर और टीम द्वारा उनकी सर्जरी की गई। सर्जरी सफल रही। बता दें कि रतलाम जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सागर एक अच्छे नेत्र सर्जन हैं। वे अभी तक लगभग 60 हजार मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर चुके हैं। ग्लूकोमा के भी सैकड़ों ऑपरेशन  कर चुके हैं।

ग्लूकोमा बीमारी धीरे-धीरे छीन लेती है आंखों की रोशनी

डॉ. एम. एस. सागर एवं डॉ. एस. एस. गुप्‍ता ने बताया कि ग्‍लूकोमा आंखों की बीमारी है जो धीरे-धीरे आंखों की रोशनी छीन लेती है। यह अंधत्‍व का तीसरा बड़ा कारण है। इसके लक्षण धुंधली दृष्टि, तेज रोशनी के चारों तरफ इंद्रधनुषी रंग के गोले नजर आना है। परिधीय दृष्टि का समाप्‍त हो जाना, लालिमा अचानक दृष्टि का जाना, दृष्टि में धीरे-धीरे कमी आना मुख्‍य लक्षण हैं। ग्‍लूकोमा के कारण देखने की क्षमता समाप्‍त होने पर उसे वापस नहीं लाया जा सकता।

इन्हें हो सकती है ग्लूकोमा की समस्या

  • जिनको मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) हो।
  • ग्‍लूकोमा का पारिवारिक इतिहास हो।
  • आंखों में किसी प्रकार की चोट हो।
  • लंबे सेमय तक एस्‍टेरॉयड दवाओं का उपयोग किया हो।
  • लगातार हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत रही हो।
  • डायबिटीज से पीडित हों।

ऐसे संभव है इलाज 

ग्‍लूकोमा का उपचार एंटी ग्‍लूकोमा आई ड्रॉप, लेजर तथा ग्‍लूकोमा माईक्रो सर्जरी के द्वारा संभव है। नेत्र दाब नियंत्रण में रखें, अपने उपचार का सतर्कता से पालन करें। सर्जरी व दवा चलने के बाद भी नियमित रूप से नेत्र की जांच कराते रहें।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।