MP में BJP की सरकार बने पौने तीन साल हो गए, फिर भी कई पद खाली; पूर्व गृहमंत्री कोठारी बोले- अब और इंतजार क्यों?
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने समितियों, निगमों, विकास प्राधिकरणों और अन्य संस्थानों में लंबित नियुक्तियां शीघ्र करने की मांग की है।
समितियों, निगमों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों में देरी पर पूर्व गृह मंत्री की चिंता, कहा- जमीनी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने में नहीं हो विलंब
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के गठन को करीब पौने तीन वर्ष बीतने के बावजूद विभिन्न समितियों, निगमों, प्राधिकरणों और अन्य संस्थानों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का मुद्दा अब पार्टी के भीतर से भी उठने लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने नाराजगी जताते हुए इन रिक्त पदों पर पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को शीघ्र जिम्मेदारी देने की मांग की है।
कोठारी ने कहा कि भाजपा की हर जीत का वास्तविक आधार उसका निष्ठावान कार्यकर्ता है। कार्यकर्ता पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करता है और संगठन को मजबूत करने के साथ ही पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सरकार बनने के बाद कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी मिलना भी आवश्यक है। भाजपा की हर जीत का वास्तविक आधार उसका निष्ठावान कार्यकर्ता होता है। अतः कार्यकर्ताओं के समर्पण का सम्मान करते हुए उन्हें समय पर जिम्मेदारी मिलना जरूरी है।
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बड़े पदों पर जल्दी, कार्यकर्ताओं की बारी में लंबा इंतजार
पूर्व गृह मंत्री ने नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर सरकार बनने के बाद बड़े पदों पर नियुक्तियां अपेक्षाकृत जल्दी हो जाती हैं, लेकिन जब छोटे और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की बात आती है तो निर्णय और विचार-विमर्श में लंबा समय लग जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में एल्डरमैन और विकास प्राधिकरणों में जो नियुक्तियां की गई हैं, उनमें संबंधित कार्यकर्ताओं को काम करने के लिए अब लगभग एक वर्ष के आसपास का ही समय मिल पाएगा। यदि ये नियुक्तियां सरकार गठन के कुछ समय बाद ही कर दी जातीं, तो कार्यकर्ताओं को जनता के बीच काम करने तथा अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित करने का पर्याप्त अवसर मिलता।
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कार्यकर्ताओं के मनोबल से जोड़ा मुद्दा
कोठारी ने कहा कि सरकार और संगठन के स्तर पर अभी भी ऐसे कई स्थान हैं, जहां निष्ठावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है। लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे शासन की योजनाओं को जनता के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
उन्होंने शासन और संगठन से आग्रह किया कि जहां-जहां कार्यकर्ताओं के मनोनयन का प्रावधान है, वहां शेष रिक्त पदों पर बिना किसी विलंब के शीघ्र नियुक्तियां की जाएं। कोठारी का कहना है कि इससे कार्यकर्ताओं के समर्पण का सम्मान होगा और उन्हें जनता की सेवा के लिए पर्याप्त समय भी मिल सकेगा।







