क्या आप जानते हैं ? अभिनव गीत या नवगीत किसे कहते हैं, जानना चाहते हैं तो कवि एवं साहित्यकार अज़हर हाशमी की यह व्याख्या और गीत सुनिए

अभिनव गीत और नवगीत का अलग ही अंदाज है। साहित्यकार और कवि अज़हर हाशमी के ऐसे ही अभिनव गीतों और नवगीतों का एक संग्रह हाल में प्रकाशित हुआ है। वे स्वयं ही इसकी व्याख्या भी कर रहे हैं और गीत भी सुना रहे हैं।

Sep 20, 2024 - 23:17
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क्या आप जानते हैं ? अभिनव गीत या नवगीत किसे कहते हैं, जानना चाहते हैं तो कवि एवं साहित्यकार अज़हर हाशमी की यह व्याख्या और गीत सुनिए
कवि एवं साहित्याकर अज़हर हाशमी का नवगीत और अभिनव गीतों का संग्रह कभी काजू घना कभी मुट्ठी चना।

कवि एवं साहित्यकार अज़हर हाशमी का हाल ही में गीत संग्रह प्रकाशित हुआ है। संदर्भ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित गीत संग्रह 'कभी काजू घना कभी मुट्ठी चना' में ज्यादातर अभिनव और नवगीत हैं। अभिनव गीत या नवगीत क्या हैं, इसकी व्याख्या खुद अज़हर हाशमी कर रहे हैं। ऐसा ही एक अभिनव गीत उन्हीं के गीत संग्रह से उन्हीं की जुबानी- भोर की बंसी बजी, नींद बगिया ने तजी...।

इस अभिनव गीत को आप तक पहुंचाने में एसीएन टाइम्स की मदद की है सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन कैलाश व्यास (अभिभाषक)। आप भी सुनिए, आनंद लीजिए और दूसरों को भी सुनाइये।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।