राहुल गांधी पर FIR को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, रतलाम में सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, कार्रवाई वापस नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी
राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में रतलाम शहर कांग्रेस ने राम मंदिर क्षेत्र में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने FIR वापस लेने की मांग कर आंदोलन की चेतावनी दी।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस का विरोध अब सड़कों पर उतर आया है। मंगलवार को रतलाम शहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर क्षेत्र में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की और एफआईआर तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को राहुल गांधी की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए चेतावनी दी कि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” और “झूठी एफआईआर बंद करो” जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुई कथित शुद्धिकरण की घटना के खिलाफ आवाज उठाई थी और इसे छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीति से जोड़कर सवाल उठाया था। ऐसे में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना कांग्रेस के मुताबिक लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश है।
ये भी पढ़ें
हल्द्वानी की घटना से शुरू हुआ विवाद
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली आयोजित हुई थी। कांग्रेस के अनुसार, रैली के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण की कार्रवाई मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति को लेकर की गई थी। पार्टी ने इसे छुआछूत और अपमानजनक मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध जताया।
इसी घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी ने घटना को छुआछूत बताते हुए मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
राहुल के बयान के बाद दर्ज हुई FIR
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी के इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ जातिगत तनाव बढ़ाने और भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए। इसके बाद उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई। एफआईआर के विरोध में रतलाम शहर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदर्शन कर सीधे तौर पर कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ सवाल उठाना अपराध नहीं हो सकता।
ये भी पढ़ें
कांग्रेस की चेतावनी- ‘अब और तेज होगा विरोध’
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो रतलाम शहर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। इसके खिलाफ लगातार चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने साफ संकेत दिया कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर का मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक विरोध का केंद्र बनेगा और एफआईआर वापस नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा।
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
प्रदर्शन में पारस सकलेचा, महेंद्र कटारिया, शैलेंद्र सिंह अठाना, इक्का बेलूत, यास्मीन शेरानी, कविता महावर, निलोफर खान, मीनाक्षी सेन, प्रदीप राठौड, मेहमूद शेरानी, विजय उपाध्याय, राजेश प्रजापत, हरविंदर सिंह, हशमतुल्लाह खान, शाकिर खान, मकबूल कुरैशी, राधा प्रजापत, वीरपाल सिंह राठौर, इकरार चौधरी और उदित मूणत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें









