बड़ी खबर ! नोटरी अब नहीं करा सकेंगे शादी और तलाक की डीड, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने जारी किया निर्देश
मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने स्पष्ट किया है कि नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं हैं और विवाह व तलाक संबंधी डीड निष्पादित नहीं कर सकते।
नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं, विवाह या तलाक संबंधी डीड निष्पादित करना कानून के विपरीत; नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
एसीएन टाइम्स @
मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद की ओर से जारी पत्र में भारत सरकार के संबंधित निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि नोटरी को विवाह या तलाक संबंधी दस्तावेज निष्पादित करने का अधिकार नहीं है। परिषद ने हाईकोर्ट, जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघों को निर्देशित किया है कि इस अधिसूचना को अपने-अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर संबंधित नोटरी एवं अधिवक्ताओं को इसकी जानकारी दी जाए।
ये भी पढ़ें
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
परिषद ने अपने निर्देश में सुप्रीम कोर्ट के भगवान सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश एवं अन्य मामले का भी उल्लेख किया है। दस्तावेज के अनुसार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटरी के कार्यों और उनके द्वारा किए जाने वाले कृत्यों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी।
नोटरी को विवाह अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया
भारत सरकार के संबंधित निर्देश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि Notaries Act के तहत नियुक्त नोटरी को विवाह या तलाक संबंधी डीड निष्पादित करने से बचना चाहिए, क्योंकि उन्हें Marriage Officer के रूप में नियुक्त नहीं किया गया है।
ये भी पढ़ें
अधिवक्ता संघों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा होगा निर्देश
मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने हाईकोर्ट, जिला और तहसील स्तर के अधिवक्ता संघों से कहा है कि जारी अधिसूचना को नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाए, ताकि संबंधित नोटरी और अधिवक्ताओं को इस संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
नोटरी के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी
इस निर्देश के बाद विवाह अथवा तलाक संबंधी डीड को नोटरी से प्रमाणित अथवा निष्पादित कराने की प्रक्रिया अपनाने वालों के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है। साथ ही नोटरी के लिए भी यह चेतावनी महत्वपूर्ण है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर विवाह या तलाक संबंधी डीड निष्पादित न करें, अन्यथा इसे कदाचार मानते हुए Notaries Act और Notaries Rules के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
ये भी पढ़ें








