IAS का 'रॉयल' संदेश ! जीवन में सफलता की कुंजी डिग्री से नहीं, बल्कि मेहनत, स्किल और डिजिटल अनुशासन है- राहुल जैन

रतलाम के रॉयल कॉलेज में IAS राहुल जैन ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। कौशल विकास, डिजिटल अनुशासन और सरकारी योजनाओं पर दिया जोर।

Apr 26, 2026 - 15:51
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IAS का 'रॉयल' संदेश ! जीवन में सफलता की कुंजी डिग्री से नहीं, बल्कि मेहनत, स्किल और डिजिटल अनुशासन है- राहुल जैन
रॉयल कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद करते आईएएस अधिकारी राहुल जैन।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ IAS अधिकारी राहुल जैन ने विद्यार्थियों को सफलता के मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं।

रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में भारत सरकार के वित्त आयोग में संयुक्त सचिव राहुल जैन (IAS) ने रोजगार, स्वरोजगार और आध्यात्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। अध्यक्षता रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने की। चेयरमैन गुगालिया ने राहुल जैन का परिचय देते हुए बताया कि वे 2005 बैच (मध्यप्रदेश कैडर) के IAS अधिकारी हैं और ग्वालियर, रीवा व नर्मदापुरम जिलों में कलेक्टर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं और वर्तमान में वित्त आयोग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

कौशल विकास का महत्व अकादमिक डिग्री से अधिक

संवाद के दौरान राहुल जैन ने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना, कॉरपोरेट मित्र पोर्टल और iGOT प्लेटफॉर्म जैसी योजनाओं की जानकारी दी और उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास का महत्व अकादमिक डिग्री से कहीं अधिक बढ़ गया है। विद्यार्थियों को किताबों के ज्ञान के साथ-साथ उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेहनत और निरंतर प्रयास का कोई विकल्प नहीं होता।

तकनीक का उपयोग अपनी कार्यक्षमता बढ़ाे के लिए करें

राहुल जैन ने डिजिटल अनुशासन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए करें, न कि केवल समय व्यतीत करने के लिए। उन्होंने अपने संबोधन में आध्यात्मिक मूल्यों को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था और संस्कार ही हमारी असली पूंजी हैं। परिवार, समाज और संस्कार मिलकर व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं, जिन्हें आधुनिकता की दौड़ में नहीं खोना चाहिए।

कार्यक्रम में ओम अग्रवाल, मांगीलाल जैन, अजय बाकीवाला सहित संस्थान के प्राचार्य मनीष सोनी, कल्पना पाटीदार, अमित शर्मा, कपिल कैरोल, दीपिका कुमावत, संदीप सिद्ध, समीक्षा मेहरा, ज्योत्सना सोलंकी, मृदुला उपाध्याय सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। संचालन बी. एड. प्राचार्य आर. के. अरोरा ने किया। आभार प्रबंधन संकाय के प्राचार्य प्रवीण मंत्री ने व्यक्त किया।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।