गणेश उत्सव के दौरान गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पेड़, पानी और कचरा प्रबंधन को लेकर किया जागरूक
रतलाम में गणेशोत्सव पंडालों में सकल हिंदू समाज द्वारा चलाया जा रहा जनजागरण अभियान जारी है। इसके तहत पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर दिया गया। लोग मिट्टी के गणेश जी स्थापित कर आराधना भी कर रहे हैं।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सकल हिंदू समाज गणेश उत्सव समिति की 11 दिवसीय कार्ययोजना के अंतर्गत शहर के विभिन्न गणेश उत्सव पंडालों में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान नागरिकों को पर्यावरण गतिविधियों के तीन प्रमुख विषयों पेड़ संरक्षण एवं संवर्धन, पानी संरक्षण एवं पुनर्भरण तथा कचरा प्रबंधन एवं जनजागरूकता के बारे में जानकारी दी गई और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
गणेशोत्सव के दौरान अभियान के तहत पंडालों में संदेश दिया गया कि “पेड़ बचेंगे तो जीवन बचेगा, पानी बचेगा तो भविष्य बचेगा और कचरा सही ढंग से संभलेगा तो स्वास्थ्य बचेगा।” कार्यक्रमों में पीपल, नीम और वट की त्रिवेणी के महत्व पर विशेष जानकारी दी गई। बताया गया कि ये वृक्ष भारतीय प्रकृति, संस्कृति और परंपरा से गहराई से जुड़े हैं। इसी उद्देश्य से अधिक से अधिक त्रिवेणियां लगाने और उनके संरक्षण-संवर्धन के लिए “त्रिवेणी वनरोपण अभियान” चलाने का आह्वान किया गया।
अभियान के तहत रतलाम में बढ़ते तापमान और बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों को लेकर भी नागरिकों को जागरूक किया गया। संदेश दिया गया कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक जीवित रखना और “वृक्ष नहीं, जंगल बनाने” की दिशा में सामूहिक प्रयास करना आवश्यक है। इसी क्रम में शिवगढ़ क्षेत्र में भाई-बहन की पहाड़ी (भाई-बहन का मगरा) की दिशा में सघन वन तैयार करने की पहल की जानकारी दी गई। पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों से इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।
समिति द्वारा बताया गया कि अभियान में लगाई जाने वाली त्रिवेणियों के पांच वर्षों तक संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पानी, सिंचाई, सुरक्षा और नियमित देखभाल की व्यवस्था के साथ नागरिकों को परिवार सहित स्वयं त्रिवेणी लगाने के लिए भी प्रेरित किया गया। लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग के माध्यम से उनके विकास को भविष्य में देखा जा सकेगा।
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पानी संरक्षण एवं पुनर्भरण पर जोर
अभियान के दूसरे प्रमुख विषय जल संरक्षण के अंतर्गत नागरिकों से अनावश्यक पानी बर्बाद नहीं करने, नल खुला नहीं छोड़ने तथा वर्षाजल का संग्रह और भूजल पुनर्भरण करने का आग्रह किया गया। बारिश के पानी को सीधे नालियों में बहाने के बजाय रिचार्ज पिट, सोख्ता गड्ढे और तालाब जैसे माध्यमों से जमीन में उतारने की आवश्यकता बताई गई, ताकि भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सके।
कचरा प्रबंधन के लिए दो डिब्बे रखने का आह्वान
कचरा प्रबंधन के अंतर्गत नागरिकों को घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया गया। भोजन के अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके आदि गीले कचरे में तथा कागज, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी वस्तुओं को सूखे कचरे में अलग रखने की जानकारी दी गई। अभियान में संदेश दिया गया कि “कचरा समस्या नहीं है, गलत तरीके से मिला हुआ कचरा समस्या है।” नागरिकों से दो डिब्बों का उपयोग करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
सकल हिंदू समाज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं, संत समाज, शिक्षण संस्थाएं, युवा, महिलाएं और प्रत्येक जागरूक नागरिक मिलकर इस अभियान को व्यापक रूप दे सकते हैं। स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य और स्वस्थ समाज के लिए पेड़, पानी और कचरा प्रबंधन—इन तीनों क्षेत्रों में सामूहिक भागीदारी ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
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मिट्टी के गणेश जी की पूजा कर दे रहे पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनने वाली मूर्तियों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए श्रद्धालु मिट्टी के गणेश जी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। शहर के निरालानगर निवासी की निवासी मेहता परिवार द्वारा भी मिट्टी के गणपति जी की आराधना कर रहा है। परिवार के मुखिया केशूराम मेहता ने बताया यह प्रतिमा उनकी बहू रेणू ने अपने हाथों से तैयार की है। बप्पा को प्राकृतिक तरीके से सजाया भी गया। रेणू कहती हैं कि- ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में पर्यावरण का संरक्षण हर स्तर पर जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए आज हर तरह के छोटे-बड़े प्रयास की जरूरत है। ऐसे में गणेशोत्सव, नवरात्रि जैसे पर्वों पर मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना करना और उनका पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना विसर्जन कर के हम सभी अपनी महती भूमिका निभा सकते हैं। मेहता परिवार ने श्रद्धालुओं से नवरात्रि में भी मिट्टी की माता की प्रतिमाएं बनाकर विराजित करने का आह्वान किया है।





