जलसंकट की आहट ! धोलावड़ डेम में 45 प्रतिशत पानी, कलेक्टर ने संचाई पर लगाई रोक, पेयजल के लिए सुरक्षित रखने का दिया निर्देश

धोलावड़ डेम में वर्तमान में करीब 45 प्रतिशत जलभराव को देखते हुए कलेक्टर अजय कटेसरिया ने गेहूं की सिंचाई के लिए पानी देने पर रोक के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध जल को पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

जलसंकट की आहट ! धोलावड़ डेम में 45 प्रतिशत पानी, कलेक्टर ने संचाई पर लगाई रोक, पेयजल के लिए सुरक्षित रखने का दिया निर्देश
धोलावड़ के पानी से सिंचाई करने पर लगी रोक।

डेम में सिंचाई उपकरण मिले तो होंगे जब्त, पानी चोरी या जबरन पाइप डालने पर दर्ज होगा प्रकरण

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बारिश की कमी के कारण धोलावड़ डेम में अभी तक सिर्फ 45 प्रतिशत ही पानी संग्रहित हो सका है। इसे पेयजल के लिए सुरक्षित रखने के लिए कलेक्टर इसके पानी का उपयोग सिंचाई में करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा है कि यदि डेम में सिंचाई उपकरम मिले तो वे जब्त कर लिए जाएंगे। पानी चोरी या जबरन पाइप लाइन डालने पर प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा।

कलेक्टर अजय कटेसरिया साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। इसमें उन्होंने कहा कि जिले में बारिश का दौर समाप्त हो चुका है। ऐसे में धोलावड़ डेम से गेहूं की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। वर्तमान जल उपलब्धता को देखते हुए पेयजल की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए पानी सुरक्षित रखा जाना जरूरी है। कलेक्टर कटेसरिया ने डेम क्षेत्र में पानी चोरी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति डेम से पानी चोरी करने अथवा जबरदस्ती पाइप डालने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

डेम क्षेत्र में कोई पंप अथवा सिंचाई के उपकरण पाए जाने पर उन्हें तत्काल जब्त करने और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। इस संबंध में नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

ये भी पढ़ें

94.35 प्रतिशत राशन वितरण, कम वितरण वाली दुकानों पर निगरानी के निर्देश

कलेक्टर ने बैठक में जिले में उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किए जा रहे खाद्यान्न वितरण की भी समीक्षा की। 21 सितम्बर 2026 की स्थिति में अगस्त एवं सितम्बर माह का कुल 94.35 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण जिले में किया जा चुका है।

समीक्षा के दौरान जिले की 10 उचित मूल्य दुकानों पर अपेक्षाकृत कम खाद्यान्न वितरण पाया गया। इनमें नगर परिषद धामनोद की एक दुकान पर 6.90 प्रतिशत, नगर निगम रतलाम की दुकानों पर 18.58 प्रतिशत, 56.15 प्रतिशत, 57.61 प्रतिशत एवं 62.98 प्रतिशत, जनपद पंचायत रतलाम की दुकानों पर 28.76 प्रतिशत एवं 57.14 प्रतिशत, जनपद पंचायत बाजना में 36.07 प्रतिशत तथा जनपद पंचायत सैलाना की दुकानों पर 64.79 प्रतिशत एवं 66.19 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण हुआ है।

कलेक्टर ने कम वितरण वाली उचित मूल्य दुकानों की नियमित निगरानी करने और पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ये भी पढ़ें

बाजना में मेटरनिटी वार्ड जल्द शुरू कराने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बाजना में मेटरनिटी वार्ड शीघ्र प्रारंभ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए कहा। साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें