स्टेशन रोड थाने पर एसपी का 'सर्जिकल स्ट्राइक', टीआई समेत तीन पुलिसकर्मी लाइन अटैच; अपराधियों पर ढिलाई पड़ी भारी

रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ते अपराधों के बीच एसपी अमित कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अटैच किया। शनि गली चाकूबाजी मामले में लापरवाही की जांच जारी है।

स्टेशन रोड थाने पर एसपी का 'सर्जिकल स्ट्राइक', टीआई समेत तीन पुलिसकर्मी लाइन अटैच; अपराधियों पर ढिलाई पड़ी भारी
रतलाम एसपी अमित कुमार ने स्टेशन रोड थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया।

एसीएन टाइम्स @रतलाम । स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ते अपराधों का आखिरकार हिसाब-किताब शुरू हो गया है। शनि गली चाकूबाजी मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद एसपी अमित कुमार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया। उन्होंने टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया। कई अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के घेरे में हैं।

एसपी अमित कुमार ने मामले की जांच एएसपी राकेश पंद्रो को जांच सौंपी है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन, एएसआई देवेन्द्र सिंह सेंगर तथा तत्कालीन एफआरवी-112 में पदस्थ आरक्षक (वर्तमान प्रधान आरक्षक) भूपेन्द्र सिंह चौहान को लाइन अटैच किया है। कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं है। मामले में संबंधित बीट अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। जांच पूरी होने के बाद उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।

10 मामलों का हिस्ट्रीशीटर खुला घूमता रहा, पुलिस बनी मूकदर्शक

10 जुलाई को शनि गली में हुई चाकूबाजी की घटना ने स्टेशन रोड पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित बाबर फिरदोस खान पठान कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि उसके खिलाफ पहले से 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज थे और उसका नाम थाना स्टेशन रोड की गुंडा सूची में भी शामिल था। इसके बावजूद उस पर न तो प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और न ही उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई।

सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि घटना के दौरान एफआरवी मौके पर मौजूद थी, फिर भी आरोपित ने फरियादी अंकित भोई पर चाकू से हमला कर दिया। जांच में बीट अधिकारी, चीता पुलिस और एफआरवी स्टाफ की कार्यप्रणाली को भी संदेह के घेरे में माना गया है।

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अपराधियों के हौसले बुलंद, क्षेत्र में अपराधों की लगी झड़ी

स्टेशन रोड थाना क्षेत्र लंबे समय से चाकूबाजी, रंगदारी, आगजनी और मारपीट जैसी घटनाओं से जूझ रहा है। ताजा मामले में हरमाला रोड स्थित लक्ष्मीनगर में पुरानी रंजिश के चलते गोलू उर्फ चिंटू सोलंकी ने निखिल चौरसिया के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। इसके बाद आरोपित ने घर के बाहर खड़ी दो मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया और दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दे डाली। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

जेल से आरोपी बाबर का वीडियो वायरल होने की घटना से भी पुलिस और जेल प्रशासन की काफी किरकिरी हुई। इसे भी एसपी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने वीडियो वायरल होते ही जांच शुरू करवा दी थी। टीआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई की एक बड़ी वजह यह भी है।

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थाने का घेराव, फिर एसपी का एक्शन

लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर 15 जुलाई को महापौर सहित भाजपा नेताओं ने स्टेशन रोड थाने का घेराव कर थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठाए थे। इसके बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई। शनिवार रात विशेष कॉम्बिंग गश्त चलाकर 37 स्थायी वारंट और 71 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। हिस्ट्रीशीटर, निगरानी बदमाशों और जिलाबदर अपराधियों की भी सघन जांच की गई।