फोरलेन पर अवैध निर्माण और उर्स पर हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद हरकत में आया प्रशासन, आयोजन पर लगी रोक, अतिक्रमण हटने का इंतजार
रतलाम के सेजावता बायपास पर शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण और बिना अनुमति प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर विवाद बढ़ गया। हिंदू संगठनों के ज्ञापन के बाद प्रशासन ने आयोजन पर रोक लगा दी।
ज्ञापन देकर बिना अनुमति कव्वाली और उर्स आयोजन की तैयारी का लगाया था आरोप, हादसे की आशंका भी जताई थी
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर के महू-नीमच रोड स्थित सेजावता बायपास पर शासकीय भूमि पर पहलवान बाबा की दरगाह के अवैध विस्तार और बिना अनुमति प्रस्तावित धार्मिक आयोजन को लेकर विवाद गहरा गया है। हिंदू संगठनों और विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद प्रशासन ने प्रस्तावित उर्स आयोजन पर रोक लगा दी है। हालांकि, दोबारा किए गए अतिक्रमण पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
जावरा रोड सिटी फोरलेन निर्माण में बाधक अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन द्वारा 2024 में कार्रवाई की गई थी। इसी दौरान पहलवान बाबा की दरगाह के सरकारी जमीन पर स्थित अतिक्रमण को भी हटाया गया था। पिछले दिनों हिंदू संगठनों द्वारा प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था जिसमें सेजावता बायपास स्थित सर्वे नंबर 104 की सरकारी भूमि पर हजरत पहलवान बाबा शाह की दरगाह का निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया था। संगठनों का आरोप था कि सड़क के बीचो-बीच स्थित दरगाह पर बिना अनुमति कव्वाली और उर्स का आयोजन भी प्रस्तावित है जो बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
हिंदू संगठनों ने ज्ञापन कलेक्टर मिशा सिंह, एसडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के अलावा लोक निर्माण विभाग को भी सौंपा गया था। लोक निर्माण विभाग को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी यदि बिना अनुमति आयोजन से यदि कोई हादसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
हरकत में आया प्रशासन, नहीं हो सका आयोजन
बताया जा रहा है कि ज्ञापन और विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया जिससे प्रस्तावित आयोजन नहीं हो सका। हालांकि पहले दिन उक्त स्थल पर लोगों की आवाजाही लगी रही। सूत्रों का कहना है कि आयोजकों ने दरगाह के दोनों छोर पर कुछ दूरी पर दो ट्रक जानबूझ कर खड़े कर दिए गए थे। ये ट्रक पूरी रात खड़े रहे। इसकी आड़ में लोग रात में आते रहे और वाहन भी खड़े रहे। इस दौरान पुलिस के 112 वाहन भी वहां चक्कर लगाते रहे ताकि कोई घटना-दुर्घटना न हो। बता दें कि, 13 से 15 मई तक उर्स और कव्वाली का आयोजन प्रस्तावित था जिसके लिए प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई थी।
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अब अतिक्रमण हटाने की बढ़ी मांग
ज्ञापन देने वाले संगठनों का जोर अब अतिक्रमण हटाने को लेकर है। उनका कहना है कि जिस जगह से प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया था उसी जगह पर पुनः अवैध निर्माण कर लिया गया है। चूंकि मामला कोर्ट में है तो यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह वहां यथा स्थिति बनाए रखे।
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