ऐसे Fraud से सावधान ! सोशल मीडिया पर दोस्ती, निवेश का झांसा और फिर हो रही ठगी, रतलाम पुलिस ने जारी की साइबर एडवाइजरी ताकि आप रहें सुरक्षित
रतलाम पुलिस ने सोशल मीडिया पर दोस्ती कर ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों से सावधान रहने की एडवाइजरी जारी की। जानिए ठगी के तरीके, बचाव और शिकायत प्रक्रिया।
- फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश में फंसाने वाले साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील
- 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करने की सलाह
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सायबर अपराधियों द्वारा आमजन को ठगी का शिकार बनाने हेतु लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। एसपी अमित कुमार के निर्देशन एवं एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन में साइबर सेल रतलाम ने आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने हेतु लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है। इसी क्रम में आमजन को सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जा रही साइबर ठगी के प्रति सतर्क किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि सायबर ठग पहले व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में सामान्य बातचीत कर दोस्ती की जाती है और लंबे समय तक संपर्क में रहकर विश्वास बनाया जाता है। कई मामलों में आरोपी स्वयं को विदेशी नागरिक, बिजनेस मैन, निवेश सलाहकार या सफल ट्रेडर बताकर भरोसा जीतते हैं।
विश्वास बनने के बाद आरोपी पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी, शेयर मार्केट या अन्य निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक लाभ का लालच देते हैं। इसके लिए नकली मोबाइल ऐप, फर्जी वेबसाइट या फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। शुरुआत में छोटी राशि निवेश करवाई जाती है और नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास बढ़ाया जाता है।
जब पीड़ित को अधिक लाभ दिखाई देने लगता है तो वह बड़ी रकम निवेश कर देता है। इसके बाद साइबर अपराधी अचानक संपर्क समाप्त कर देते हैं, वेबसाइट बंद कर देते हैं या पैसा निकालने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगते हैं। इस प्रकार पीड़ित अपनी जमा पूंजी गंवा बैठता है।
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साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले सामान्य तरीके
▪️ सोशल मीडिया पर आकर्षक एवं फर्जी प्रोफाइल बनाना।
▪️ दोस्ती या प्रेम संबंध का दिखावा कर विश्वास जीतना।
▪️ कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देना।
▪️ फर्जी निवेश ऐप एवं वेबसाइट लिंक भेजना।
▪️ शुरुआत में नकली लाभ दिखाकर भरोसा बढ़ाना।
▪️ बड़ी राशि निवेश करवाने के बाद संपर्क समाप्त कर देना।
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सायबर ठगी से बचने हेतु सावधानियां
▪️ सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से अत्यधिक व्यक्तिगत बातचीत करने से बचें।
▪️ किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश न करें।
▪️ “कम समय में ज्यादा मुनाफा” देने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें।
▪️ किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता एवं सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन अवश्य जांचें।
▪️ व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर भेजे गए निवेश लिंक पर क्लिक न करें।
▪️ केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
▪️ अनजान लोगों को अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें।
▪️ किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश से पूर्व परिवारजनों या विशेषज्ञों से सलाह अवश्य लें।
यदि आप साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत करें
▪️ तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
▪️ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
▪️ नजदीकी साइबर सेल अथवा पुलिस थाना में संपर्क करें।
▪️ संबंधित बैंक को तुरंत सूचित कर खाते को सुरक्षित करवाएं।
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