साहित्य सृजन : साहित्य अकादमी ने युवा और बाल साहित्य पुरस्कारों का किया ऐलान, देश के 47 लेखकों को मिलेंगे तम्रफलक और 50 हजार रुपए

साहित्य अकादमी द्वारा युवा साहित्य पुरस्कार एवं बाल साहित्य पुरस्कार हेतु देश के विभिन्न भाषाओं के लेखकों की पुस्तकों का चयन किया गया है।

Jun 15, 2024 - 14:24
Jun 15, 2024 - 16:23
 0
साहित्य सृजन : साहित्य अकादमी ने युवा और बाल साहित्य पुरस्कारों का किया ऐलान, देश के 47 लेखकों को मिलेंगे तम्रफलक और 50 हजार रुपए
साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कारों की घोषणा।

एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा स्थापित साहित्य अकादमी ने वर्ष 2024 के लिए युवा और बाल साहित्य पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। बाल साहित्य के लिए 24 और युवा साह्तिय के लिए 23 लेखकों के नामों का चयन किया गया है। इन सभी को 19 जून 2024 को नई दिल्ली में होने वाले समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।

साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. डी. के. श्रीनिवास के अनुसार अध्यक्ष माधव कौशिक की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। इसमें त्रिसदस्यीय निर्णायक मंडलों के बहुमत व सर्वसम्मति के आधार पर बाल साहित्य पुरस्कार 2024 के लिए 24 लेखकों की पुस्तकों का चयन किया गया। इसी प्रकार युवा साह्तिय पुरस्कार के लिए 23 लेखकों की पुस्तकों का चयन भी किया है।

यह रहा आधार, पुरस्कार के रूप में यह मिलेगा

पुरस्कार उन पुस्तकों से संबंधित हैं, जो पुरस्कार वर्ष के तत्काल पूर्ववर्ती वर्ष के अंतिम पांच वर्षों (अर्थात् 1 जनवरी 2018 से 31 दिसंबर 2022 के मध्य) प्रथम बार प्रकाशित हुई हैं। चयनित पुस्तकों के लेखकों को पुरस्कार के रूप में उत्कीर्ण ताम्रफलक तथा 50 हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।