TET की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक 20 सितंबर को उतरेंगे मैदान में, धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन
TET की अनिवार्यता के विरोध में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के आह्वान पर रतलाम जिले के शिक्षक 20 सितंबर को गुलाब चक्कर में बैठक और धरना प्रदर्शन करेंगे। शाम 3 बजे मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
गुलाब चक्कर में होगी जिला स्तरीय बैठक; टीईटी से मुक्ति, अटेंडेंस समाप्त करने और नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना की मांग पर होगी चर्चा
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के लिए TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के विरोध में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के आह्वान पर जिले के शिक्षक 20 सितंबर (रविवार) को आंदोलन करेंगे। शिक्षक TET की अनिवार्यता से मुक्ति सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला स्तरीय बैठक और धरना प्रदर्शन करेंगे तथा इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।
संघ के संभाग अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने बताया कि आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के प्रांतीय आह्वान पर 20 सितंबर को जिलेभर के शिक्षक स्थानीय गुलाब चक्कर, कालिका माता मंदिर प्रांगण में जिला स्तरीय बैठक करेंगे। बैठक का प्रातः 11 बजे होगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अगले चरण में शाम 3 बजे मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ की ओर से शिक्षकों से अपनी मांगों के समर्थन में अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
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इसलिए TET का कर रहे विरोध
शुक्ला के अनुसार शिक्षक तत्कालीन नियुक्ति प्रक्रिया के तहत निर्धारित मापदंड पूर्ण करने के बाद ही शिक्षक नियुक्त हुए हैं। इनमें कई शिक्षक ऐसे भी हैं, जिन्होंने वर्ष 2005 और 2008 में व्यापमं द्वारा आयोजित “शिक्षक पात्रता परीक्षा” यानी TET उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्राप्त की थी। ऐसे में लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को दोबारा TET देने की अनिवार्यता का विरोध किया जा रहा है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में TET से मुक्ति, अटेंडेंस समाप्त करना तथा नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करना शामिल है। इन्हीं मांगों को लेकर जिलेभर के शिक्षक बैठक के बाद धरना प्रदर्शन करेंगे।
संघ जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गौंड ने जिले में कार्यरत समस्त शिक्षकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाएं।
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