नई सौगात ! मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रयासों से रतलाम जिले के 6 स्कूलों को मिली कृषि संकाय की मंजूरी
रतलाम के उत्कृष्ट विद्यालय सहित जिले के छह सरकारी स्कूलों में कृषि संकाय शुरू होगा। मंत्री चैतन्य काश्यप के प्रयासों से मिली स्वीकृति से विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा, उच्च अध्ययन और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
कृषि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे उच्च शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित जिले के छह सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रयासों के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने जिले के उत्कृष्ट विद्यालय रतलाम के अलावा आलोट, जावरा-2, पिपलौदा और रतलाम-2 विकासखंड के कुल छह विद्यालयों में कृषि संकाय शुरू करने की स्वीकृति दी है।
रतलाम जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में स्कूल स्तर पर कृषि संकाय शुरू होने से विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का एक नया विकल्प तैयार हुआ है। खासतौर पर ग्रामीण और कृषक परिवारों से आने वाले छात्र-छात्राओं को अब कृषि विज्ञान की पढ़ाई के लिए शुरुआती स्तर पर दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। कृषि शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा, कृषि आधारित व्यवसाय और स्वरोजगार की संभावनाओं से जुड़ने का रास्ता भी उनके लिए खुल सकेगा।
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आधुनिक खेती से एग्री-बिजनेस तक पढ़ाई का दायरा
उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुभाष कुमावत के अनुसार कृषि संकाय में विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि विज्ञान के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि तकनीक, अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा एग्री-बिजनेस और कृषि उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को समझने का अवसर भी विद्यार्थियों को मिलेगा।
कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए स्कूल स्तर पर कृषि शिक्षा की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विद्यार्थी पारंपरिक खेती तक सीमित रहने के बजाय कृषि से जुड़े नए व्यवसाय और तकनीकी अवसरों को भी समझ सकेंगे।
पालकों और विद्यार्थियों की मांग पर उठाया गया मुद्दा
उत्कृष्ट विद्यालय में कृषि संकाय शुरू करने की मांग लंबे समय से सामने आ रही थी। विद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थियों और पालकों की ओर से इस संबंध में मंत्री चेतन्य काश्यप का ध्यान भी आकर्षित कराया गया था। इसके बाद उन्होंने शासन स्तर पर कृषि संकाय शुरू करने का मुद्दा उठाया। प्रयासों के बाद जिले के छह विद्यालयों को स्वीकृति मिली है।
प्राचार्य सुभाष कुमावत ने बताया कि कृषि संकाय शुरू होने से विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार आगे की पढ़ाई और कैरियर चुनने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा को भी इससे मजबूती मिलेगी।
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रतलाम में कृषि शिक्षा का नया आधार
कृषि शिक्षा को स्कूल स्तर पर उपलब्ध कराने का सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है, जो कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा या इसी से जुड़े व्यवसाय को अपना करियर बनाना चाहते हैं। आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि उद्यमिता और नवाचार की जानकारी स्कूली स्तर से मिलने पर विद्यार्थी आगे चलकर खेती को केवल पारंपरिक पेशे के बजाय तकनीक और व्यवसाय से जोड़कर भी देख सकेंगे।
इस स्वीकृति पर उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुभाष कुमावत ने विद्यालय परिवार की ओर से मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रति आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले के विद्यार्थियों के लिए कृषि शिक्षा का यह नया अवसर भविष्य निर्माण में उपयोगी साबित होगा।
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