धोलावड़ के पानी का सिंचाई में उपयोग पर प्रतिबंध के खिलाफ विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उठाई आवाज, कलेक्टर को पत्र लिखकर आदेश निरस्त करने की मांग की

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने धोलावड़ डेम से सिंचाई के लिए जल उपलब्ध नहीं कराने संबंधी आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने आदिवासी बहुल क्षेत्रों के किसानों को गेहूं और चना की फसल के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

धोलावड़ के पानी का सिंचाई में उपयोग पर प्रतिबंध के खिलाफ विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उठाई आवाज, कलेक्टर को पत्र लिखकर आदेश निरस्त करने की मांग की
कमलेश्वर डोडियार, विधायक- सैलाना

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । धोलावड़ डेम का पानी सिंचाई के लिए नहीं देने के प्रशासन के फैसले पर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने आपत्ति जताई है। विधायक ने कलेक्टर को पत्र भेजकर यह आदेश तत्काल निरस्त अथवा पुनर्विचारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि आदिवासी बहुल क्षेत्र के किसानों को गेहूं एवं चने की फसल की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने पानी नहीं मिलने पर किसानों के आंदोलित होने की आशंका भी जताई है।

विधायक डोडियार ने पत्र में कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा धोलावड़ डेम में वर्तमान में उपलब्ध जल को पेयजल के लिए सुरक्षित रखने तथा डेम से गेहूं की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध नहीं कराने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इससे क्षेत्र के किसानों में भयंकर रोष एवं आक्रोश व्याप्त है। किसान कभी भी आंदोलित हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी। विधायक के अनुसार इस निर्णय से विधानसभा क्षेत्र सैलाना के हजारों किसान प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र में अधितर किसान कृषि पर निर्भर हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खरीफ फसल को पर्याप्त वर्षा नहीं मिलने के कारण किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक ने कहा कि रबी सीजन में गेहूं और चना जैसी फसलों की खेती किसानों की आजीविका एवं परिवार के भरण-पोषण का महत्वपूर्ण आधार है। यदि धोलावड़ डेम का जल सिंचाई के लिए पूरी तरह रोक दिया जाता है तो विशेष रूप से आदिवासी एवं छोटे-सीमांत किसानों के सामने गंभीर आर्थिक एवं खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है।

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स्थानीय समुदाय और ग्राम पंचायतों की सहमति जरूरी

पत्र में विधायक ने कहा है कि शासन-प्रशासन को जल उपलब्धता के साथ किसानों की आजीविका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और स्थानीय समुदायों से जुड़े निर्णयों में ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभाओं की भूमिका और सहमति को भी गंभीरता से लिए जाने की बात कही है।

विधायक ने मांग की है कि धोलावड़ डेम से सिंचाई के लिए जल उपलब्ध नहीं कराने संबंधी आदेश/निर्देश को तत्काल प्रभाव से निरस्त अथवा पुनर्विचार किया जाए। साथ ही डेम में उपलब्ध जल की वैज्ञानिक एवं वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए पेयजल की आवश्यकता सुरक्षित रखने के बाद शेष उपलब्ध जल से किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

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संयुक्त बैठक बुलाकर पुनः समीक्षा करें

विधायक ने यह भी कहा है कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बहुल एवं सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गेहूं एवं चना की फसल के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए, ताकि पेयजल की आवश्यकता भी सुरक्षित रहे और किसानों की रबी फसल प्रभावित न हो। विधायक डोडियार ने कृषि, जल संसाधन एवं जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर धोलावड़ डेम के जल उपयोग की पुनः समीक्षा किए जाने की मांग भी की है।

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