पत्नी के प्रेमी की गर्दन में घोंपा चाकू, फिर पीठ पर किए ताबड़तोड़ वार; हत्यारे पति को हो गई उम्रकैद
रतलाम में पत्नी के प्रेमी की चाकू से निर्मम हत्या करने वाले पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी ने युवक की गर्दन और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए थे। अष्टम अपर सत्र न्यायालय ने 5 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया।
अदालत ने सुनाई 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा, 2021 में आदिनाथ कॉलोनी के बाहर हुई थी सनसनीखेज हत्या
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पत्नी के प्रेम-प्रसंग से उपजे गुस्से में पति ने उसके प्रेमी पर चाकू से ऐसा जानलेवा हमला किया कि उसकी गर्दन में ही चाकू फंस गया। आरोपी ने इसके बाद भी पीछे से उसकी गर्दन और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल युवक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। करीब पांच साल पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड में रतलाम के एक न्यायालय ने हत्यारे पति को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार के अनुसार अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आरोपी शैलेन्द्र सिंह (43), निवासी आदिनाथ कॉलोनी, रतलाम को धारा 302 भादवि के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। मामला शासन द्वारा चिह्नित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों की श्रेणी में था। शाक्यवार ने बताया घटना 4 जुलाई 2021 की रात की है। फरियादी सुशील उर्फ प्रिंस ने पुलिस को बताया था कि उसके अंकल के बेटे जितेन्द्र खत्री का आरोपी शैलेन्द्र सिंह की पत्नी यामिनी के साथ करीब तीन वर्ष से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
घटना वाली रात जितेन्द्र अपने भाई सुशील से मकान की रजिस्ट्री के खर्च के लिए 1 लाख रुपए लेकर शैलेन्द्र के घर गया था। करीब 45 मिनट बाद घर के बाहर से जितेन्द्र के चीखने और बचाने के लिए चिल्हाने की आवाजें सुनाई दीं। परिजन तत्काल बाहर पहुंचे तो जितेन्द्र लहूलुहान हालत में शैलेन्द्र के घर के बाहर खड़ा था।
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हमला करने के बाद फरार हुआ आरोपी
इसी दौरान शैलेन्द्र सिंह ने पीछे से जितेन्द्र पर चाकू से हमला कर दिया। उसने उसकी गर्दन और पीठ पर लगातार कई वार किए। हमले के दौरान चाकू जितेन्द्र की गर्दन में ही फंस गया। परिजन ने बीच-बचाव किया तो आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल जितेन्द्र को तत्काल जिला चिकित्सालय रतलाम ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सागर की प्रयोगशाला में हुआ था साक्ष्यों का परीक्षण
घटना के बाद माणकचौक पुलिस ने अपराध क्रमांक 334/2021 दर्ज कर धारा 302 भादवि के तहत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना सोफा कवर, मृतक का मोबाइल, 1 लाख रुपए नकद, चप्पल सहित अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त किए। इन साक्ष्यों को एफएसएल प्रयोगशाला सागर भेजकर वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया।
पुलिस द्वारा एकत्र किए गए मौखिक, दस्तावेजी, चिकित्सीय और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित किए। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने शैलेन्द्र सिंह को हत्या का दोषी माना और 13 अगस्त 2026 को उसे सश्रम आजीवन कारावास तथा 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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