तीन गांव का एक रास्ता वह भी बदहाल, युकां जिला अध्यक्ष मयंक जाट के नेतृत्व में कलेक्टर से मिले ग्रामीण, कलेक्टर ने जिपं CEO को दिए सुधारने के निर्देश

रतलाम जिले के मकोडियापाड़ा, नाहरपाड़ा और मोहनपाड़ा गांवों के ग्रामीण एकमात्र कच्चा रास्ता होने से रोज समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से वर्षों से कच्चे एकमात्र मार्ग को पक्का कराने की मांग की है।

तीन गांव का एक रास्ता वह भी बदहाल, युकां जिला अध्यक्ष मयंक जाट के नेतृत्व में कलेक्टर से मिले ग्रामीण, कलेक्टर ने जिपं CEO को दिए सुधारने के निर्देश
मुंदड़ी से लगे गांव मकोड़ियापाड़ा, नाहरपाड़ा और मोहनपाड़ा के एकमात्र रास्ता भी बदहाल है।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर बिरमावल-मुंदड़ी मार्ग से मकोड़ियापाड़ा, नाहरपाड़ा और मोहनपाड़ा गांवों को जोड़ने का एकमात्र कच्चा रास्ता है, वह भी बदहाल है। गड्ढों और कीचड़ के कारण ग्रामीण त्रस्त हैं। गुरुवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर कलेक्टर से समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तत्काल जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन को मार्ग सुधारने के निर्देश दिए।

मकोड़ियापाड़ा, नाहरपाड़ा और मोहनपाड़ा गांव के रहवासी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। मुंदड़ी ब्लॉक के अध्यक्ष सोनू गुर्जर (ऊनी) भी साथ थे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया और समस्या बताई। उन्होंने बताया कि एकमात्र कच्चा रास्ता है जो तीनों गांवों को बिरमावल-मुंदड़ी से जोड़ता है। लंबे समय से सड़क पक्का नहीं होने के कारण बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है। इस संबंध में ग्राम पंचायत मुंदड़ी एवं सरवनीजागीर के जिम्मेदारों को कई बार मौखिक शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले।

ये भी पढ़ें

आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि मौजूदा समय में रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर गया है। इसके चलते ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए रतलाम आने-जाने में भी परेशानी हो रही है। सबसे गंभीर समस्या स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बताई गई है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते की खराब स्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती है। एंबुलेंस बुलाने पर कच्चा और बदहाल रास्ता होने के कारण उसके गांव तक पहुंचने में भी परेशानी सामने आती है।

खेत में करवाना पड़ा था प्रसव

युवा कांग्रेस के मुंदड़ी ब्लॉक अध्यक्ष सोनू गुर्जर ने एसीएन टाइम्स को बताया कि तीनों गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। मकोड़ियापाड़ा, नाहरपाड़ा और के बच्चों की कक्षा पांचवी तक की पढ़ाई तो गांव के स्कूल में करते हैं किंतु इसके बाद पढ़ने के लिए मुंदड़ी पैदल जाना पड़ता है।

गुर्जर के अनुसार पिछले दिनों एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर एम्बुलेंस बुलानी पड़ी लेकिन मार्ग की हालत ज्यादा खराब होने से महिला को रतलाम लाना संभव नहीं हो सका। बाद में गांव में ही एक खेत में साड़ियों और तिरपाल की आड़ में प्रसव करवाना पड़ा।

ये भी पढ़ें

कलेक्टर ने दिखाई सहृदयता, दिया निर्देश

जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट ने बताया की ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तत्काल जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन से बात की। कलेक्टर ने उन्हें टीम को मौके पर भेज कर वस्तुस्थिति पता करने और समस्या के समाधान के लिए निर्देशित किया

...तो हाईवे पर देंगे अनिश्चितकाल तक धरना

ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ने अगले 1-2 दिन में टीम भेजने के लिए आश्वस्त किया है। इसलिए हम तब तक इंतजार करेंगे लेकिन यदि हमारी समस्या दूर नहीं हुई तो मजबूरन हमें आंदोलन करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मुंदड़ी-झाबुआ हाईवे पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी है।

ये भी पढ़ें