264 स्नातकोत्तर शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत, जनजातीय कार्य विभाग ने जारी किया आदेश, देखें सूची

मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग ने 264 स्नातकोत्तर शिक्षकों और प्रधानपाठकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत किया है। पदस्थापना के आदेश अलग से जारी होंगे।

264 स्नातकोत्तर शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत, जनजातीय कार्य विभाग ने जारी किया आदेश, देखें सूची
मप्र के जनजातीय कार्य विभाग के 264 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति सूची जारी।

एसीएन टाइम्स @ भोपाल । मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग ने प्रदेश के 264 स्नातकोत्तर उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधानपाठकों को व्याख्याता के पद पर पदोन्नत किया है। पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी और इसे आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू किया गया है।

जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों को छठवें वेतनमान के 9300-34800+3600 ग्रेड-पे के स्थान पर सातवें वेतनमान के पे-मैट्रिक्स लेवल-9 में ₹36,200 से ₹1,14,800 का वेतनमान निर्धारित किया गया है। पदोन्नत होने वालों में विभिन्न जिलों के 264 शिक्षक और प्रधानाध्यापक शामिल हैं। इनमें अर्थशास्त्र, गणित, जीवविज्ञान, हिंदी, राजनीति शास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल सहित विभिन्न विषयों के शिक्षक हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत व्याख्याताओं के पदस्थापना आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। यानी वर्तमान आदेश पदोन्नति से संबंधित है, जबकि नई पदस्थापना के लिए अलग आदेश जारी किया जाएगा। पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों के लिए दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि निर्धारित की गई है। आदेश के मुताबिक यह पदोन्नति मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के तहत दो वर्ष की परीक्षा अवधि के लिए होगी।

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आरक्षण नियमों और न्यायालयीन प्रकरणों के अधीन पदोन्नति

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि पदोन्नतियां मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 तथा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप की गई हैं।

साथ ही, इन पदोन्नतियों पर सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका और सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा भविष्य में पारित किए जाने वाले आदेशों का प्रभाव रहेगा। पदोन्नत कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के नियम 13 के अनुसार आदेश प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर विकल्प प्रस्तुत करना होगा।

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आपराधिक या विभागीय कार्रवाई की जानकारी होने पर विभाग को बताना होगा

आदेश के क्रियान्वयन से पहले संबंधित विभागाध्यक्ष/आहरण एवं संवितरण अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित शासकीय सेवकों के विरुद्ध किसी प्रकार की आपराधिक या विभागीय कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। यदि ऐसी कोई जानकारी सामने आती है तो आदेश के क्रियान्वयन से पहले उसे विभाग के संज्ञान में लाना होगा।

पदोन्नति सूची विज्ञापनों के बाद दी गई लिंक से डाउनलोड करें

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