छिन गई पार्षदी ! धामनोद नगर परिषद उपाध्यक्ष लोकेंद्रसिंह सिसौदिया को पार्षद पद से हटा, टेंडर में अनियमितता और पद के दुरुपयोग मामले में कलेक्टर ने की कार्रवाई
रतलाम जिले के धामनोद नगर परिषद उपाध्यक्ष एवं पार्षद लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया को पद के दुरुपयोग, बिल भुगतान प्राप्त करने और टेंडर में संलिप्तता संबंधी शिकायत पर कलेक्टर ने पार्षद पद से पृथक किया।
परिवार की फर्म के बिलों का भुगतान लेने का भी मामला
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । नगर परिषद धामनोद के उपाध्यक्ष एवं निर्वाचित पार्षद लोकेन्द्रसिंह सिसौदिया पिता चतरसिंह को पार्षद पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई पद के दुरुपयोग, नगर परिषद से संबंधित भुगतान प्राप्त करने और नगर परिषद के टेंडर में संलिप्तता संबंधी आरोप साबित होने के बाद की गई है।
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मध्यप्रदेश नगरपालिक अधिनियम, 1961 की धारा 41(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोकेन्द्रसिंह सिसोदिया को नगर परिषद धामनोद के निर्वाचित पार्षद पद से पृथक किए जाने के आदेश 28 सितंबर 2026 को जारी किए। दरअसल, जनसुनवाई में शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें नगर परिषद धामनोद के उपाध्यक्ष लोकेन्द्रसिंह सिसौदिया पर पद के दुरुपयोग तथा नगर परिषद के टेंडर में संलिप्तता के आरोप लगाए गए थे।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, लोकेन्द्रसिंह सिसौदिया के परिवार के नाम से संचालित फिर सिसौदिया टेंट हाउस एवं लाइट डेकोरेशन धामनोद फर्म के बिलों की राशि का भुगतान प्राप्त किए जाने की पुष्टि हुई। नगर परिषद के टेंडर में भी उनकी संलिप्तता पाई गई।
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हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई
कलेक्टर द्वारा यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश के अनुपालन में की गई है। सुनवाई में उपलब्ध तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में निष्कर्ष के आधार पर नगरपालिक अधिनियम की धारा 41(1) के तहत निर्वाचित पार्षद पद से पृथक करने का आदेश जारी किया गया।
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