बड़ी कार्रवाई : MP बोर्ड के पेपर लीक मामले में 31 शिक्षकों व कर्मचारियों को ऐसी सजा, 9 स्कूल 10 साल नहीं बन पाएंगे परीक्षा केंद्र
माध्यमिक शिक्षा मंडल मप्र ने प्रश्न पत्र लीक मामले में 31 शिक्षकों कर्मचारियों तथा 9 स्कूलों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है।

एसीएन टाइम्स @ भोपाल । माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की हाईस्कूल व हायर सेकंडरी परीक्षा की परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के दोषी शिक्षकों व कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मंडल ने ऐसे 31 शिक्षकों व कर्मचारियों को समस्त पारिश्रमिक कार्य से हमेशा के लिए वंचित कर दिया है। इतना ही नहीं लापरवाही वाले 9 स्कूलों के 10 साल तक परीक्षा केंद्र बनाने पर भी रोक लगा दी है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा एक आदेश जारी किया गया है। मंडल के सचिव के हस्ताक्षर से जारी आदेश में बताया गया है कि मंडल द्वारा 2022-23 में हाईस्कूल / हायर सेकंडरी की परीक्षाओं का संचालन किया गया था। इसमें प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता भंग करने में लिप्त शिक्षकों पर कार्रवाई की है। आदेश में ऐसे 31 शिक्षकों, प्राचार्यों, भृत्यों व अन्य कर्मचारियों के नाम उनके विद्यालयों और पदनाम शामिल हैं। इन सभी मंडल के समस्त पारिश्रमिक कार्यों से सदैव के लिए वंचित (Deber) किया गय है। जिन पर यह कार्यवाही की गई है इनमें मुरैना, ग्वालियर, दमोह, धार, बड़वानी, राजगढ़, भोपाल और रायसेन जिले के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक व कार्मचारी शामिल हैं। इनमें शिक्षक ही नहीं, प्राचार्य और पर्यवेक्षक तक शामिल हैं।
ये स्कूल नहीं बन पाएंगे परीक्षा केंद्र
आदेश में बताया गया है कि संबंधित परीक्षा केंद्रों को भी आगामी 10 वर्षों (2023-24 से 2033 तक) के लिए परीक्षा आयोजन के लिए परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इनमें मुरैना, ग्वालियर, दमोह, धार, बड़वानी, राजगढ़, भोपाल और रायसेन के स्कूल शामिल हैं।
बता दें, मप्र में 10वीं और 12वीं की परीक्षा के कई प्रश्न-पत्र लीक होने का मामला सामने आया था। इससे शिक्षा मंडल सहित प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसकी जांच जारी थी। जांच पूरी होते ही मंडल ने इसमें लिप्त पाए गए शिक्षकों और परीक्षा केंद्रों पर इतनी बड़ी कार्रवाई की है। माना जा रहा है इस प्रकार की संभवतः यह पहली कार्रवाई है।