संशोधित खबर : मेडिकल कॉलेज की फीस बढ़ने पर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने खोला मोर्चा, CM को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने निजी मेडिकल एवं दंत चिकिस्ता महाविद्यालयों की बढ़ी फीस पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुल्क वृद्धि वापस लेने, NRI कोटे की फीस की समीक्षा और गरीब व आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की मांग की है।

संशोधित खबर : मेडिकल कॉलेज की फीस बढ़ने पर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने खोला मोर्चा, CM को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मेडिकल कॉलेज की फीस बढ़ने पर नाराजगी जताते हुए सीएम से हस्तक्षेव करने की मांग की है।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । NEET-UG 2026-27 की काउंसलिंग के बीच निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की बढ़ी फीस का मामला गर्मा गया है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर फीस वृद्धि की तत्काल समीक्षा की मांग की है। उन्होंने MBBS और BDS की फीस में की गई वृद्धि को यथासंभव वापस लेने तथा NRI कोटे की फीस की विशेष समीक्षा की मांग की है।

डोडियार ने अपने पत्र में कहा है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग (DME) द्वारा 2026-27 सत्र के लिए मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों का नया फीस स्ट्रक्चर लागू किया गया है। उनके अनुसार निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की फीस में लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। विधायक ने कहा है कि प्रदेश के 20 शासकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS की वार्षिक फीस ₹1.14 लाख निर्धारित है और यह पिछले तीन वर्षों से यथावत है। दूसरी ओर निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस में वृद्धि की गई है।

पत्र में उदाहरण देते हुए कहा गया है कि भोपाल के एल. एन. मेडिकल कॉलेज की सालाना फीस लगभग ₹1.58 लाख बढ़कर ₹18.08 लाख हो गई है। इसी तरह आर. के. मेडिकल कॉलेज की फीस में ₹81,000 की वृद्धि के साथ सालाना फीस ₹11.31 लाख हो गई है।

NRI कोटे की फीस पर विशेष चिंता

विधायक डोडियार ने मुख्यमंत्री से NRI कोटे में हुई फीस वृद्धि की विशेष रूप से समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फीस में अत्यधिक वृद्धि से केवल आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए ही मेडिकल शिक्षा सुलभ रह जाने की आशंका है।

पत्र में कहा गया है कि सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा का खर्च और कठिन हो जाएगा। ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बढ़ी फीस मेडिकल शिक्षा की राह में बड़ी बाधा बन सकती है। अतः NRI कोटे की फीस की विशेष समीक्षा के साथ पारदर्शी और तर्कसंगत फीस निर्धारित की जानी चाहिए।

MBBS की 5,200 सीटें होने का किया स्वागत

विधायक ने प्रदेश में MBBS की कुल 5,200 सीटें होने को स्वागत योग्य बताया है। उन्होंने खरगोन, मंदसौर और रतलाम में नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों तथा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर में सीटों की वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा है कि इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी सीटों के अवसर बढ़ने के साथ निजी संस्थानों की फीस में वृद्धि विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकती है।

BDS की फीस और छात्रवृत्ति योजना का भी मुद्दा

कमलेश्वर डोडियार ने निजी BDS पाठ्यक्रमों की फीस में हुई वृद्धि का भी मुद्दा उठाया है। उन्होंने मेडिकल शिक्षा के साथ डेंटल शिक्षा के लिए विशेष छात्रवृत्ति सहायता योजना शुरू किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि चिकित्सा शिक्षा केवल आर्थिक रूप से संपन्न वर्ग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक स्थिति के कारण मेडिकल या डेंटल शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए।

अनधिकृत फीस वसूली पर रोक की मांग

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक डोडियार ने तत्काल हस्तक्षेप कर निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की फीस की समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने MBBS और BDS फीस में की गई वृद्धि को यथासंभव वापस लेने की मांग की। साथ ही निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में निर्धारित फीस से अतिरिक्त अथवा अनधिकृत राशि की वसूली पर प्रभावी रोक लगाने संबंधी आदेश जारी करने का अनुरोध भी किया है।

विधायक की मांगें (एक नजर में)

  • निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की 2026-27 फीस की तत्काल समीक्षा हो।
  • MBBS और BDS फीस में हुई वृद्धि को यथासंभव वापस ली जाए।
  • NRI कोटे की बढ़ी फीस की विशेष समीक्षा की जाए।
  • पारदर्शी और तर्कसंगत फीस निर्धारित की जाए।
  • निर्धारित फीस से अतिरिक्त या अनधिकृत राशि की वसूली पर प्रभावी रोक लगे।
  • डेंटल शिक्षा के लिए विशेष छात्रवृत्ति सहायता योजना शुरू हो।