...ताकि बच सके जान : गंगासागर कॉलोनी के पास बाइक सवार युवक को गाय ने मारी टक्कर, पास से गुजर रहे जवान अपनी बाइक से लेकर पहुंचा मेडिकल कॉलेज, कराया इलाज

रतलाम के गंगासागर क्षेत्र में गाय की टक्कर से घायल हुए एक युवक को एक जवान ने अपनी बाइक से मेडिकल कॉलेज पहुंचा कर संवेदनशीलता का परिचय दिया। इसकी हर तरफ सराहना हो रही है।

Sep 12, 2024 - 21:20
Sep 12, 2024 - 22:06
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...ताकि बच सके जान : गंगासागर कॉलोनी के पास बाइक सवार युवक को गाय ने मारी टक्कर, पास से गुजर रहे जवान अपनी बाइक से लेकर पहुंचा मेडिकल कॉलेज, कराया इलाज
गाय की टक्कर से घायल प्रवीण निनामा को अमित शुक्ला ने अपनी बाइक से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । हादसों में कई बार जान इसलिए चली जाती है कि घायल को तत्काल चिकित्सकीय मदद नहीं मिल पाती है। अगर सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को हम समय रहते अस्पताल पहुंचा दें तो उसकी जान बचाई जा सकती है। गुरवार को एक जवान ने ऐसा ही किया।

वाकया गुरुवार का है, सरवन से 30 वर्षीय प्रवीण निनामा और रवि निनामा बाइक से रतलाम आ रहे थे। शाम करीब 5 बजे गंगासागर क्षेत्र के पास फोरलेन से गुजरते समय एक गाय ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक सहित दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसे में प्रवीण निनामा के सिर पर गंभीर चोट आई। तभी सड़क से गुजर रहे एक जवान की नजर पड़ी। यह कोई और नहीं, गंगासागर कॉलोनी निवासी सेवाभावी अमित शुक्ला हैं। शुक्ला ने तत्काल बाइक रोक कर घायल की स्थिति देखी।

नहीं किया एम्बुलेंस का इंतजार

इस दौरान लोग एम्बुलेंस का इंतजार कर रहे थे लेकिन शुक्ला ने बिना समय गंवाए घायल प्रवीण और उसके साथी रवि को अपनी बाइक पर बैठाया और मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने प्रवीण का परीक्षण कर उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सकीय स्टाफ ने शुक्ला की सक्रियता की सराहना की और सेमलखेड़ा निवासी प्रवीण व रवि ने उनका एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए धन्यवाद दिया।

...ताकि बच जाए जान

अमित शुक्ला ने एसीएन टाइम्स को बताया कि प्रायः कोई हादसा होने पर लोग घटनास्थल और घायल के फोटो खींचने और वीडियो बनाने में लगे रहते हैं। कई बार लोग घटना की जानकारी पुलिस और एम्बुलेंस को देकर आगे बढ़ जाते हैं। जिन्हें मदद मिल जाती है उनकी जान बच जाती है लेकिन जिन्हें मदद नहीं मिलती उनके साथ अप्रिय घटना हो जाती है। इसलिए उन्होंने बजाय इंतजार करने के घायल को अस्पताल पहुंचाना जरूरी समझा ताकि उन्हें समय रहते उपचार मिल सके। शुक्ला का कहना है कि आमजन को भी चाहिए कि यदि राह में कोई हादसा नजर आता है कोई घायल दिखे तो उसे यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाने का प्रबंधन करना चाहिए। बता दें कि अमित सालाखेड़ी चौकी पर सेवाएं दे रहे हैं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।