श्री किरीट भाई जी के सान्निध्य में 4 जुलाई को रतलाम में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनेगा, शिष्यों और भक्तों की जिज्ञासाओं का करेंगे समाधान

तुलसी परिवार द्वारा 4 जुलाई को रतलाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। महोत्सव में श्री किरीट भाई भक्तों और शिष्यों को आशीर्वचन देंगे।

Jun 22, 2023 - 18:53
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श्री किरीट भाई जी के सान्निध्य में 4 जुलाई को रतलाम में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनेगा, शिष्यों और भक्तों की जिज्ञासाओं का करेंगे समाधान
श्री किरीट भाई जी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । परम पूज्य श्री किरीट भाई जी गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर रतलाम पधार रहे हैं। 15 दिन की सतत् गुरु कृपा यात्रा के दौरान वे 4 जुलाई को रतलाम पहुंचेगा। उनके सान्निध्य में सज्जन प्रभा अजंता पैलेस में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक तुलसी परिवार द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा।

प्रोफेसर राजकुमार कटारे, कीर्ति व्यास और हरीश रत्नावत ने बताया कि गुरुदेव भक्तों के आग्रह पर विगत पंद्रह वर्षों से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रतलाम आते रहे हैं। कोरोना काल के समय दो वर्ष तक कार्यक्रम नहीं हो सका था जो ईश्वर की कृपा से पुन: प्रारंभ हुआ है। इस बार गुरुदेव श्री किरीट भाई जी सूरत से पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन से रतलाम पहुंचेंगे। इस मौके पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें श्री किरीट भाई आशीर्वचन देंगे। वे शिष्यों और भक्तों के प्रश्नों का उत्तर भी देंगे। तत्पश्चात् लडूडू गोपाल का अभिषेक गुरुदेव के कर कमलों से होगा। शिष्यों को दर्शन देने के पश्चात वे इंदौर प्रस्थान करेंगे।

तुलसी परिवार रतलाम के अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी और सचिव प्रोफेसर सुषमा कटारे सहित अन्य ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सत्संग लाभ लेने का अनुरोध किया है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।