रतलाम के व्यवहार, स्वागत और संस्कार में झलकता है अपनापन, पूरे हिंदुस्तान में होगी रतलाम की पहचान - मंत्री हरदीपसिंह डंग

बसंत पंचमी को रतलाम स्थापना दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि मप्र के मंत्री हरदीपसिंह डंग रहे। इस मौके पर रतलाम की विशेषताओं का जिक्र करते हुए इसके विकास को लेकर हो रहे प्रयासों पर चर्चा हुई।

Jan 27, 2023 - 12:24
Jan 27, 2023 - 16:04
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रतलाम के व्यवहार, स्वागत और संस्कार में झलकता है अपनापन, पूरे हिंदुस्तान में होगी रतलाम की पहचान - मंत्री हरदीपसिंह डंग
रतलाम

महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाया बसंत पंचमी स्थापना दिवस, आतिशाबाजी कर मिठाई बांटी

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । 1652 ईस्वी में रतलाम की स्थापना करने वाले महाराजा रतनसिंह को हम नमन करते हैं। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। हम उन शहीदों को भी नमन करते हैं जिनकी वजह से आज हम हैं। हमारा नेतृत्व जिस विचारधारा से काम कर रहा है तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने देश को आगे ले जाने में योगदान दें। रतलाम की पहचान सेव, सोना व साड़ी से तो है ही लेकिन यहां के व्यवहार, स्वागत संस्कार में अपनापन झलकता है। जिस तरह इंदौर ने अपनी पहचान बनाई है उसी तरह रतलाम भी देश ही नहीं, हिंदुस्तान में रतलाम की पहचान होगी।

यह बात रतलाम स्थापना महोत्सव समिति व नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में बसंत पंचमी (गुरुवार) को गौरव दिवस के रूप में मनाए गए रतलाम स्थापना दिवस समारोह में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण मंत्री हरदीपसिंह डंग ने कही। महाराजा रतनसिंह स्टेच्यू तिराहे पर आयोजित समारोह में विधायक चेतन्य काश्यप, दिलीप मकवाना, महापौर प्रहलाद पटेल, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी तथा एसपी अभिषेक तिवारी भी मंचासीन रहे। मंत्री डंग ने अपने उद्बोधन में विधायक चेतन्य काश्यप के विजन और विकास की गंगा बहाने के प्रयासों की भी सरहाना की। उन्होंने कहा कि विधायक काश्यप अपनी विकास की सोच के लिए सिर्फ रतलाम और मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में जाने जाते हैं।

मालवा फिर बनेगा व्यवसायिक हब- विधायक काश्यप

शहर विधायक काश्यप ने कहा कि आज बड़ा संयोग वाला दिन है। किसी भी नगर का स्थापना दिवस बहुत महत्वपूर्ण होता है। 372 वर्ष पूर्व राजस्थान के जालौर से आकर महाराजा रतनसिंह ने रतलाम की स्थापना की थी। एक समय था जब मालवा व्यवसायिक हब हुआ करता था। हम उसी को ध्यान में रखते हुए रतलाम के विकास की बुनियाद को हम आगे बढ़ा रहे हैं। रतलाम को महानगर बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। विरासत, इतिहास को संभालना  सबका काम है। रतलाम मालवा का व्यवसायिक हब बनेगा। महापौर पटेल ने कहा कि हमारा रतलाम पूरे प्रदेश में जाना जाता है। रतलाम के लोगों में अपनापन है। हमारा रतलाम बदल रहा है। हमारे लाडले विधायक चेतन्य काश्यप ने विकास की नई इबारत लिखी है। देश नहीं दुनिया में रतलाम का नाम रोशन होगा।

रतलाम संस्थापक रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

अतिथियों के उद्बोधन से पूर्व रतलाम राज्य के संस्थापक महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। आतिशबाजी कर मिठाई का वितरण किया गया। अतिथियों का स्वागत समिति संस्थापक व संयोजक मुन्नालाल शर्मा, अध्यक्ष प्रवीण सोनी, सचिव, भाजयुमो जिलाध्यक्ष, भाजपा कुशाभाऊ ठाकरे मंडल अध्यक्ष आदित्य डागा, राजेन्द्र अग्रवाल, सुशील सिलावट, गोपाल शर्मा, राजेन्द्र पाटीदार, राकेश नाहर, अभय काबरा, महेंद्र मूणत, रणजीत टांक, हितेश शर्मा (कामरेड) आदि ने किया। स्वागत उद्बोधन समिति संस्थापक व संयोजक शर्मा ने दिया। उन्होंने रतलाम स्थापना महोत्सव तथा महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा की स्थापना के लिए मिले सहयोग के लिए उन्हें साधुवाद दिया। 

इनका हुआ सम्मान

इस दौरान नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुरेशचंद्र व्यास, सिटी इंजीनियर जी. के. जायसवाल, श्याम सोनी व अनिल पारा का सम्मान भी अतिथियों ने किया। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई, रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, भाजपा जिलाध्यक्ष, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसपी अभिषेक तिवारी, राकेश नाहर, महेंद्र मूणत सहित निगम एमआईसी सदस्य, पार्षद सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन रतलाम स्थापना समिति के सचिव ने किया। आभार नगर निगम आयुक्त ने माना।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।