कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा और नई तकनीक जानने के लिए 18 किसानों का दल राजस्थान रवाना, कलेक्टर दिखाई हरी झंडी

रतलाम जिले के 18 किसानों का दल राजस्थान भ्रमण पर रवाना हुआ। दल बांसवाड़ा, जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा आदि स्थानों पर कृषि वैज्ञानिकों से मुलाकात के साथ इससे जुड़े संस्थानों में नई तकनीक जानेगा।

Mar 4, 2022 - 05:35
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कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा और नई तकनीक जानने के लिए 18 किसानों का दल राजस्थान रवाना, कलेक्टर दिखाई हरी झंडी
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम किसानों के दल को राजस्थान के भ्रमण के लिए रवाना करते हुए।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन आत्मायोजना के अन्तर्गत 'राज्य के बाहर कृषक' कार्यक्रम चलाया जाता है। इसके तहत जिले के 18 कृषकों दल राजस्थान रवाना हुआ। दल को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कृषक दल से कृषि की नवीन उन्नत तकनीक सीखकर आने एवं दूसरें कृषकों तक तकनीकी पहुंचाने की बात कही। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि विजय चौरसिया एवं परियोजना आत्मानिर्भयसिंह नगेश उपस्थित थे। भ्रमण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उप परियोजना संचालक आत्माकेशवसिंह गोयल है। कृषक दल में समस्त विकासखण्ड से 3-3 कृषकों को सम्मिलित किया गया है।

 कृषक दल बांसवाड़ा (राजस्थान) के कृषि विज्ञान केन्द्र, उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय एवं मशरूम इकाई, भीलवाडा के कृषि विज्ञान केन्द्र, अजमेर के मसाला बीजीय अनुसंधान केन्द्र एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, जयपुर के राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान का अध्ययन भ्रमण करेगा। इस दौरान किसान कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा कर कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन की नई उन्नत तकनीकी की जानकारी भी प्राप्त करेंगे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।